Sweet Words|Sweet Words For Her|Sweet Words for Your love

Sweet Words Sweet Words For Her Sweet Words for Your love मधुर वचन

जिसने अपने को समझ लिया है वह दूसरों को समझाने नहीं जायेगा

मुझे हर इंसान में ईश्वर के दर्शन होते हैं | I see God in every human being.

मदर टेरेसा

संसार में सबसे बड़े अधिकार सेवा और त्याग से मिलते हैं |The greatest authority in the world comes from service and sacrifice.

जो अपने मूख और जिह्य पर संयम रखता है वह अपनी आत्मा को संतापों से बचाता है |

He who exercises restraint on his foolishness and jiha saves his soul from suffering.

अगर तुम नेक बनोगे तो इसमें ही भलाई है और अगर तुमने बुराई को अपनाया तो तुमने अपने अहं में ऐसा किया |

If you become good, then it is good and if you adopt evil then you do it in your ego.

कुरान

ऐ कबीर | दर्वेश की संगत में परमात्मा याद आता है , यही पल काम के हैं ,बाकी सब बेकार |

Aye Kabir | God remembers in the company of Darvesh, this moment is of use, everything else is useless.

कबीरदास

बॉंटने से खुशी इस प्रकार बढ़ती है जिस प्रकार धरती में बोया हुआ बीज फसल बनता है |

The happiness is increased in the way of distribution, as the seed sown in the earth becomes a crop.

गुरुग्रंथ साहिब

The beauty of Aishwarya is enhanced by the connection of humility

Human’s greatest enemy is sin (crime). मानव का सबसे बड़ा शत्रु पाप (गुनाह ) है |

स्वामी सारशब्दानंद

There is poison in the snake’s mouth, in the scorpion’s tail, but in the cruel (quarrelsome) human venom, there is poison. साँप के मुँह में , बिच्छू की दुम में विष होता है लेकिन क्रूर (झगड़ालू ) मनुष्य की रग -रग में विष होता है |

चाणक्य

Donation is the fulfillment and adornment of religion. दान धर्म की पूर्णता और उसका श्रृंगार है |

एडीसन

Religion is just an expression of the innate powers existing in man. धर्म मनुष्य में विद्यमान जन्मजात शक्तियों की अभिव्यक्ति मात्र है |

विवेकानंद

Human character is formed by the practice of zealotry, service, Bhagavad thinking and the search for truth.

जितेंद्रीयता ,सेवा , भगवद चिन्तन और सत्य की खोज के अभ्यास से मानव चरित्र का निर्माण होता है |

स्वामी रामकृष्ण परमहंश

Being able to be forgiving even when able, is saintliness. समर्थ होने पर भी क्षमाभाव रखना ही साधुता है |

गीता

यदि अच्छा मित्र 108 बार भी रुठ जाए , तो उसे हर बार मनाओ , क्योकि मोतियों की माला जितनी बार टूटे , उसे हर बार पिरोना पड़ता है |

रहीम
The greatest authority in the world comes from service and sacrifice

जो पाप का आचरण त्याग करके धर्म का आचरण करते हैं वह प्रत्येक काल में सुखी होते हैं |

स्वामी दयानंद

अजीब बात है कि सुख की अभिलाषा ही हमारे दुःख का एक अंश है |

खलील जिब्रान

किसी औरत पर अचानक निगाह पड़ जाए तो नजर फेर लो ,दूसरी निगाह उस पर न डालो | पहली निगाह तो तुम्हारी है मगर दूसरी निगाह तुम्हारी नहीं है बल्कि शैतान की है |

ऐ जनाब

शिक्षित बालक के शरीर तथा आत्मा में निहित उस सब सौन्दर्य और पूर्णता को विकसित करती है , जिसकी उसमें क्षमता है |

अरस्तू

शिक्षा का उद्देश्य , जीवन में वासनाओं से उतपन्न दुःख से मोक्ष का मार्ग बनाना है |

वेद

शिक्षा का तात्पर्या ,संसार के उन सर्वमान विचारों को प्रकट करने से है ,जो प्रत्येक व्यक्ति के मन में निहित है |

सुकरात

Ignorance is darkness. अज्ञान ही अन्धकार है |

शेक्सपियर
Human’s greatest enemy is sin

एकांत भाव की ईश साधना से , कठिनाई से प्राप्त मानव जीवन की सफलता सीखो |

स्वामी रामतीर्थ

बालकों पर प्रेम की भाँति द्वेष का असर भी अधिक होता है |

मुंशी प्रेमचंद

तानाशाही बिना शिक्षा के सफल हो सकती है परन्तु लोकतंत्र तो शिक्षा के आधार पर ही कायम रह सकता है |

विविध

More things deaden thinking and worry. ज्यादा बातें सोच और फ़िक्र को मुर्दा कर देती है |

इंसान जब अपना जन्म दिन मनाता है तो वह बहुत खुश होता है मगर उसे यह नहीं मालूम कि उसका एक साल और कम हो गया है |

Another name for love is God. प्रेम का दूसरा नाम परमात्मा है |

God likes to spend money on good works. अच्छे कामों पर रूपये खर्च करना ईश्वर को बेहद पसन्द है |

God does not hurt anyone more than his strength. भगवान किसी को उसकी ताकत से ज्यादा तकलीफ नहीं देता |

It is the duty of every human to pity the poor. गरीबों पर रहम करना हर इन्सान का फर्ज है |

दो आदमियों के दरमियान इन्साफ कराना भगवान को बेहद पसन्द है |

A man who makes himself fascinated without reason is always fascinated

Whether or not someone who values ​​you is found, you do your righteousness. चाहे कोई कद्र करने वाला मिले या न मिले तुम अपनी नेकी करो |

Do not be late in doing good to anyone. किसी के साथ नेकी करने में देर न करो |

नेक बनने की कोशिश करो जैसे कि हसीन बनने की कोशिश करते हो |

नेकदिल इन्सान दुश्मनों के साथ भी नेकी करने से नहीं चूकते |

सबसे वफादार चीज नेकी है क्योकि इसके बगैर कोई अच्छा नहीं |

जाहिल हर जवाब के बाद कहता है , ”यह तो मुझे मालूम है ”|

A man who makes himself fascinated without reason is always fascinated.

जो आदमी बिना कारण अपने आप को मोहताज बनाता है वह हमेशा मोहताज रहता है |

जब आप स्वयं से प्रेम करना सीख लेंगे तो दूसरे आपसे नफरत करना छोड़ देंगे |

अदब इन्सान का जेवर है |

Whether or not someone who values ​​you is found you do your righteousness

दुनिया में नेक काम करके मर जाना , आबे हयात पाने से बेहतर है |

तरक्की की बुनियाद जद्दो जहद -और पस्तही की बुनियाद के सहारे पनपती है |

अक्लमन्दी की पहचान गुस्से के वक्त होती है |

हर मुश्किल इन्सान का इम्तहान लेने आती है |

आसमान की जीनत सितारे हैं और जमीन की जीनत तालीम या एल्म है |

सूरज की रोशनी में दुनिया की ऊँच -नीच नजर आती है | तालीम की रोशनी में जिन्दगी की ऊँच -नीच |

अक्लमन्द आदमी वह है , जो दुसरों को बेवकूफ नहीं समझता |

Gold tests fire, the problems of setting humans. सोने को आग परखती है, इन्सान को जमाने की मुसीबतें |

किसी डरपोक से मुश्किल मौकों के लिए रास्ता मत पूछो ,वह तुम्हारी और तुम्हारी हिम्मत को और कम कर देगा |

जिल्लत की लम्बी उम्र से इज्जत के चार दिन की जिन्दगी भली होती है |

सोने को आग परखती है इन्सान को जमाने की मुसीबतें

Look at the poorer than you in the condition of poverty. गरीबी की हालत में अपने से भी ज्यादा गरीब को देखो |

When we have any wrongdoing with ego, worry arises. अहंकारवश हम जब कोई गलत कार्य हैं तो चिंता उतपन्न होती है |

As the importance of money increases, so does the concern for money. जैसे -जैसे धन का महत्व बढ़ता जा रहा है वैसे ही धन की चिंता बढ़ रही है |

रूप , यौवन , धन इनके मित्र तो बहुत मिल जाएंगे ,पर सच्चे मित्र का साथ कब मिलता है | व्यक्ति को चाहिए मित्रता उससे करे जो सत्य का बोध करा दे ,उसके लिए सारा समय ही उचित समय है |

प्रेम पूर्वक व्यवहार करने से , शरीर स्वस्थ रहता है |

प्रेम पूर्वक व्यवहार करने से ,बुद्धि का विकास होता है |

प्रेम पूर्वक व्यवहार करने से , समाज में प्रतिष्ठा बढ़ती है |

By behaving lovingly, decision-making ability increases. प्रेम पूर्वक व्यवहार करने से , निर्णय लेने की क्षमता बढ़ती है |

जब कोई क्रोध की घटना उपस्थित होने वाली हो , तब अवश्य ही मौन हो जाएं | यदि क्रोध की घटना के समय मौन रहना यह दृढ़ संकल्प करें कि ”बिना क्रोध किए ही बातचीत करूगां | ”

यदि किसी घटना में बहुत अधिक क्रोध आने की संभावना हो और आप उसे नियंत्रित करने में अपने आपको असमर्थ अनुभव करते हों , तो उस स्थान से हटकर दूर चले जायें |

यदि कभी भूल से क्रोध कर बैठें , तो अपनी स्थिति को ठीक करने के लिए एक गिलास ठण्डा पानी पियें |

प्रेम पूर्वक व्यवहार करने से निर्णय लेने की क्षमता बढ़ती है

यदि क्रोध कर बैठें ,तो उसका कुछ प्रायश्चित करें , अर्थात उस दिन एक घंटा विशेष रूप से मौन रहकर ईश्वर का ध्यान करें और फिर से संकल्प करें , कि ”अब क्रोध नहीं करूँगा ”

प्रतिदिन दोनों समय (प्रातः और सांय )ईश्वर का ध्यान करें और ईश्वर से प्रार्थना करें , कि ”हे प्रभो | मुझसे यह क्रोध दूर कीजिए और मेरी बुद्धि को अच्छे मार्ग पर चलाइए |

संसार विश्वास करने योग्य नहीं ,सेवा करने योग्य है |

अपने आपको छोटा , दूसरों को बड़ा मानना ही बड़प्पन है |

प्रभु कृपा चाहते हो तो अपने से चोटों पर दया करना सीखो |

कुछ लेने की इच्छा ही भयंकर दुःख देने वाली है |

जो होने वाला है , वह तो होकर ही रहेगा , इसे कोई रोक नहीं सकता |

प्रेम पूर्वक व्यवहार करने से परस्पर सबका सुख बढ़ता है |

प्रेम पूर्वक व्यवहार करने से सभी लोग उसे चाहते हैं , प्रेम करते हैं ,और उससे संबंध रखना चाहते हैं |

प्रेम पूर्वक व्यवहार करने से मन ,वाणी और शरीर पर नियंत्रण रहता है | परिणाम स्वरूप व्यक्ति अच्छा काम करता है और मीठी वाणी बोलता है |

प्रेम पूर्वक व्यवहार करने से अगला जन्म भी अच्छा मिलता है |

अध्यात्म साधना से मन की चंचलता पर अंकुश लगाया जा सकता है , मन को सुमन या अमन बनाने के दो उपाय हैं -मानसिक एकाग्रता और संकल्प शक्ति का विकास | यह अध्यात्म से ही सम्भव है | अतीत की स्मृति , भविष्य की कल्पना , भौतिक आकर्षण ,लक्ष्यहीन जीवन आदि मानसिक एकाग्रता की बाधाएँ हैं |

हम किसी कार्य को इतना ” कठिन है। …….कठिन है ” ऐसा समझते हैं , वह कार्य उतना ही कठिन हो जाता है | लेकिन हम कठिन को कठिन न समझकर पुरूषार्थ करते हैं तो सफल भी हो सकते हैं | प्रयत्नशील आदमी हजार बार असफल होने पर भी अपना प्रयत्न चालू रखता है तो भगवान उसकी अवश्य मदद करते हैं |

मीठा बोलने में एक कौड़ी भी खर्च नहीं होता , इसलिए सदा प्रेमयुक्त ,मधुर व सत्य बोलें |

गुरु और शास्त्र की अवहेलना करने वाले व्यक्ति की आयु लम्बी नहीं होती |

यदि आप याद रखना चाहते हो तो दूसरों के द्वारा किए गए एहसान को याद रखिए ,चाहे छोटा हो या बड़ा |

कुछ लम्हे चाकू की धार जैसे होते हैं | गलत फैसला हो जाए तो उनकी काट से न जान बचती है और न ईमान |

मुबारक वह शख्स है , जिसके पास कहने के लिए अल्फाज नहीं आमाल (कर्म ) है |

जिन्दा रहने के लिए , हिम्मत से काम लो वरना हर कोई आसानी से मर सकता है |

मुहब्बत उनसे रखो जो नेकी करके फरामोश कर देते हैं और कसूर देखकर माफ़ कर देते हैं |

हक पर चलने वालो का पाँव शैतान के सीने पर होता है |

दुनिया में अच्छे लोगों की कमी नहीं है ,इस ख्वाहिश को पूरा करने से पहले खुद अच्छे बनो |

जिन लोगों के ख्याल अच्छे हों , वह कभी तन्हा नहीं रहते |

दीवार का हर पत्थर (संग ) ,चाहे वह कितना ही छोटा क्यों न हो , अपनी कीमत रखता है |

करीब के लोग जिस छोड़ देते हैं दूर के लोग उसे अपना लेते हैं |

जालिम लोग ,ऐसी जंजीरें अभी तक तलाश नहीं कर सके ,जो दिमागों को जकड़ सकें |

अच्छा काम करने से तीन बुराइयों का खात्मा हो जाता है | 1 .बोरियत 2 . गरीबी 3 .गुनाह |

जब तक इन्सान एल्म हासिल करता है , वह आलिम रहता है और जब उसे ख्याल होता है कि मैं एल्म सीख चुका हूँ ,तो वह जाहिल बन जाता है |

सबसे अच्छी दुआ वो है जो पाक दिल से निकले |

दुआ शैतानी हमले से बचने के लिए इन्सान की ढ़ाल है |

चाँद ,सूरज आँखो को रोशनी देते हैं दुआ से दिल रोशन होता है |

जब दवा बेअसर हो जाती है , तो दुआ अपना असर दिखलाती है |

यदि भूलना ही चाहते हैं तो परोपकार ,प्रशंसा ,अवज्ञा ,अपमान ,उपहास ,जैसी प्रत्येक छोटी -छोटी बातों को भूलें |

यदि आप लेना चाहते हो तो बड़ो का आशीर्वाद लो |

यदि आप देना चाहते हो तो नीची निगाह कर लो और भूल जाओ |

यदि आप करना चाहते हो तो अपने से बड़ो का आदर करो लेकिन किसी का तिरस्कार नहीं |

दुसरो को दुःखी करने वाला व्यक्ति कभी सुख नहीं भोगता |

किसी रोगी की सेवा या किसी गरीब लड़की की शादी पर दिया गया धन भगवान की सबसे बड़ी पूजा है |

पुस्तक प्रेमी , सबसे धनी और सुखी होते हैं |

खुश रहना चाहते हो तो अपने गम को छुपाकर दूसरों को खुश रखने के लिए तूफान के सामने चट्टान बन डटे रो ताकि वह अपना रुख मोड़ने पर मजबूर हो जाए |

किसी के लिए दुःख उठाओगे तो तुम्हारी झोली खुशियों से भर उठेगी |

विपत्ति से बढ़कर अनुभव सीखने वाला कोई विद्यालय आज तक नहीं खुला |

अन्य आत्माओं को प्रेम व दया का दान भी एक तरह का दान ही है |

स्वयं के प्रति सम्मान व प्रभु के प्रति भाव होने से दुसरों को आदर देना सहज हो जाता है |

अगर कोई मानव अप्रसन्नता है तो वह उसी का दोष है , क्योकि प्रभु ने सभी को प्रसन्न बनाया है |

प्रातः काल गायत्री मंत्र का जप करके तीन बार सूर्य देव को अधर्य देना चाहिए |

मलिन दर्पण में मुख देखना , फटे आसन पर बैठना ,फूटे बर्तन में भोजन करना निषिद्ध है |

भीष्म पितामह कहते हैं -आयु ,लक्ष्मी तथा यश इस लोक एवं परलोक में सदाचार से मिलते हैं |

प्रभु श्री राम जी कहते हैं – घर आए शत्रु को भी मारना नहीं चाहिए , शरणागत की अपने प्राण के समान रक्षा करें |

जो लोग दूसरों का तमाश देखकर खुश होते हैं,एक दिन दुनिया उनका तमाश देखकर हँसती है |

कांटों में रहते हुए भी हवा के ताजा झोंके को महसूस करके फूलों की तरह मुस्कराया करो
Updated: February 21, 2021 — 12:30 pm

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