Satisfaction |Customer Satisfaction Satisfaction Synonym | संतोष





सब्र करना ही सच्ची ताकत है |

हर आदमी खुद अपने आप में एक दुनिया का राज है |

बुलन्द हिम्मत कामयाबी में मदद देती है और कामयाब इंसान कभी दुखी नहीं होती |

नम्र मिज़ाज़ी इन्सान को आला और जर्रे को आफताब बनाती है |

यदि मनुष्य प्रतीक्षा करें ,तो हर वस्तु प्राप्त हो जाती है |

संतुष्ट मन वाले के लिए सदा सभी दिशाएं सुखमयी हैं |

सुन्दर वही है ,जिसके कार्य सुन्दर हों |

दुर्भावना को मैं मनुष्यत्व का कलंक मानता हूँ |

संतोष से सर्वोत्तम सुख प्राप्त होता है |

आपत्ति में भी जिसकी बुद्धि कार्यरत रहती है ,वही धीर है |

धैर्य ,अर्थ काम और मोक्ष का मुख्य कारण आरोग्य है |

अपने कल्याण के इच्छुक व्यक्ति को स्वेच्छाचारी नहीं होना चाहिए |

मान -अपमान में ,हानि -लाभ में ,जय -पराजय में , सुख -दुःख में -इन सभी दवंदों में जो हमारे अनुकूल -प्रतिकूल भाव हैं ,वे इस शरीर में ममता , वस्तुओं में आसक्ति ,शरीर में अहंकृति को लेकर हैं | योगस्थ होने पर वह इन दवंदों को देखेगा अवश्य -स्वांग अनुसार कर्म करेगा तो दुःख -सुख नहीं होगा |

धीरज होने से दरिद्रता भी शोभा देती है | धुले हुए होने से जीर्ण वस्त्र भी अच्छे लगते हैं | घटिया भोजन भी गर्म होने सुस्वाद लगता है और सुंदर स्वभाव के कारण कुरूपता भी शोभा देती हैं |

संतोष से सर्वोत्तम सुख प्राप्त होता है |

अत्यल्प से जो संतुष्ट हो जाता है ,वह सबसे अधिक समृद्ध है |

इस हद तक खाओ ,पहनो और खर्च करो कि फिजूल खर्चा और घमण्ड न हो |

यदि हर व्यक्ति के मन में विचारों का तालमेल होता तो समाज में सामंजस्य एवं स्नेह स्वतः ही प्रतिबिंबित होता |

जहाँ ममता नहीं होती है ,वहाँ बैर -द्वेष नहीं होता ,बुरा करने और बुरा चाहने की प्रवृति नहीं होती है | ममता रहने पर यह सभी होते हैं यह स्वाभाविक है | जहाँ राग होता है वहीं द्वेष होता है और राग -द्वेष से दैवी संपदा का ह्रस होता है |राग अगर न मिटे तो राग भगवान से करना चाहिए एवं द्वेष भगवत -विमुखता से | दुर्गुणों को सद्गुण की सेवा में लगा दें तो सारे दुर्गुण सद्गुण हो जाँएगे |

जब दिल को शांति आ जाए ,जब दिल में संतोष आ जाए तो ऐसा महसूस होता है कि संतोष मिल गया है | सब और शांति है |

सच्ची दया वह है जो संताप से आँसू भूमि पर गिरने से पहले ही अपने आँचल से पोंछ ले -संतप्त व्यक्ति अपने को निराक्षित अनुभव न करे |

Updated: April 21, 2021 — 6:45 am

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *