Republic Day 26 January गणतन्त्र दिवस, २६ जनवरी गणतंत्रता दिवस

गणतन्त्र दिवस, २६ जनवरी गणतंत्रता दिवस

भारतवर्ष में सामाजिक एवं राष्ट्रीय दो प्रकार के पर्व मनाए जाते है | सामाजिक पर्वो के अंतर्गत -होली , दीपावली ,विजयादशमी , ईद , क्रिसमस , गुरु ,पर्व आदि का अपनी विशिष्ट ,महत्व है | धार्मिक , सांस्कृतिक , आदि विभिन्न दृष्टियों से ये पर्व ; भारतीय जनमानस के लिए प्रेरणा का प्रमुख स्त्रोत रहे है | दूसरी और वे राष्ट्रीय पर्व है , जो राष्ट्रीय दृष्टिकोण से देश के सभी वर्गो , सम्प्रदायो अथवा जातियों के लिए समान रूप महत्वपूर्ण रहे है | इन राष्ट्रीय पर्वो में गणतंत्र दिवस भी एक राष्ट्रीय पर्व है | प्रत्येक वर्ष 26 जनवरी के दिन सम्पूर्ण देश वासियो के इस पर्व को बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है | गणतंत्र शब्द दो शब्दों से मिलकर बना है -गण +तंत्र | ‘गण का अर्थ है ‘प्रजा’ तथा तंत्र का अर्थ है ‘शासन – व्यस्था ‘ | अतः शाब्दिक अर्थ की दृष्टि से ‘गणतंत्र ‘का अर्थ है -प्रजा द्वारा स्थापित शासन -व्यवस्था | 15 अगस्त 1947 को आजादी मिलने से पूर्व के कई सौ वर्षो तक भारतीयों को दीर्धकाल तक संधर्षों करना पड़ा | भारत का सम्पूर्ण स्वाधीनता आंदोलन त्याग , बलिदान , वेदना ,धुटन और अंग्रेजी के दिल दहला देने वाले अत्याचारों की एक करुण गाथा है | स्वाधीनता – प्राप्ति के लिए किए गए अनेक ऐतिहासिक प्रयासों के अनन्तर 26 जनवरी ,1929 के दिन का अपनी विशिष्ट महत्व है | इसी दिन भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की महासभा ने लाहौर में रावी नदी के पावन तट पर यह घोषणा कि की आज से पूर्ण स्वराज्य प्राप्त करना ही भारतवासियो का लक्षय होगा | लाहौर के इस अधिवेशन में देशभर से आए आजादी के दीवानो का जन सैलाब उमड़ पड़ा था | दूर -दूर से कई -कई दिन पैदल चलकर आए , ;लाहौर की भयंकर शीत में कँपकँपाते , परन्तु देश को आजाद कराने के संकल्प की दहकती आग को अपने मन में लिए , उस अपार जनसमूह ने पं० जवाहरलाल नेहरू के नेतृत्व में देश को हर हालत में स्वाधीन कराने की सौगंध खाई | इसी दिन से सारा भारत ‘भारतमाता की जय ‘ वन्दे मातरम ‘, ‘राज्य हमारा जन्मसिद्ध अधिकार है ‘| के गगनभेदी नारों से गूँजने लगा |

प्रत्येक वर्ष 26 जनवरी के दिन पूर्ण स्वराज्य की प्रतिज्ञा दोहराई जाती रही रही | विदेशी आक्रान्ताओ की लाठी ,गोली और तोपों का सामना करते हुए निहत्थी जनता वर्षो तक खून में नहाती रही | देश का चप्पा -चप्पा शहीदों की लाशों से पट गया | अन्ततः अंग्रेजी को भारत छोड़कर भागना पड़ा | स्वाधीनता -यज में अपनी अनगिनत आहुतियाँ देने के बाद 15 अगस्त ,1947 को भारत आजाद घोषित क्र दिया गया | स्वतंत्रता -प्राप्ति के उपरान्त देश के संविधान का निर्माण हुआ और उसे 26 जनवरी ,1950 के दिन लागू किया गया | सही अर्थो में हम इसी दिन पूर्ण रूप से स्वतन्त्र हुए ; क्योकि इसी दिन से भारत को पूर्ण प्रभुत्व सम्पन्न गणराज्य घोषित किया गया |इस प्रकार 26 जनवरी के दिन ही हमने पूर्ण स्वराज्य का संकल्प लिया था और 26 जनवरी के दिन ही हम पूर्ण रूप से स्वतंत्र हुए | इन दो कारणों से ही हम प्रतिवर्ष अपना गणतंत्र दिवस मनाते है | गणतंत्र दिवस का महत्व दो दृष्टियो से है | एक तो उन शहीदों की पावन स्मृति के लिए, जिन्होंने देश आजादी के लिए अपनी बलि दे दी और दूसरे इसलिए की इसी दिन भारत को पूर्ण स्वाधीनता प्राप्त हुई | न मालूम कितनी बहनो ने अपने भाइयों के मस्तक पर तिलक लगाकर , उन्हें अपने प्राणों की आहुति देने के लिए अंतिम विदा दी ,न मालूम कितनी भारतीय नारियों ने , अपने अश्रुओं के सैलाब को थामकर ,हँसते – हँसते अपने पतियों को आजादी के यज्ञ में होम कर दिया, तब कहीं जाकर मिली यह आजादी | इस आजादी की कीमत को याद दिलाने के लिए और देश के लिए शहीद हो गए बलिदानियों के कर्ज का अहसास कराने के लिए ही यह पर्व [प्रतिवर्ष हमारे राष्ट्रीय -जीवन में आता है | इस दिन सारे देश में हर्षोल्लास का वातावरण रहता है | स्थान -स्थान पर प्रातः ही भारतीय तिरंगा फहराया जाता है , सजावट की जाती है , मिस्टान्न -वितरण होता है और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है | देश की राजधानी दिल्ली में यह दिवस विशेष धूमधाम से मनाया जाता है | कई दिन पूर्व से ही देश के कोने -कोने से लोगों का दिल्ली आना प्रारम्भ हो जाता है | इस दिन सारी दिल्ली को दुल्हन की तरह सजाया जाता है | प्रातः निर्धारित समय पर देश के राष्ट्रपति द्वारा इण्डिया गेट पर ध्वजारोहण के साथ ही गणतंत्र -उत्सव प्रारंभ हो जाता है | जल ,थल ,और वायु सेना की टुकड़ियाँ ,राष्ट्रपति के सम्मान में 21 तोपों की सलामी देती है | इसके उपरान्त आकाश में लाखों गुब्बारे और कबूतर छोड़े जाते है | राजपथ पर तीनों सेनाओं की परेड होती है तथा वायु सेना के लाखों विमानों द्वारा आकाश से पुष्प वर्षा की जाती है | विभिंन प्रदेशों से आई झाकियाँ दर्शकों का मन मोह लेती हैं | इस अवसर पर भारत के राष्ट्रपति द्वारा देश की रक्षा हेतु शौर्य -प्रदर्शन करने वाले सैनिकों , बहादुरी का प्रदर्शन करने वाले बालकों और देश की प्रगति में अपना उल्लेखनीय योगदान देने वाले व्यक्तियों को सम्मानित किया जाता है |सायंकाल देशभर की सरकारी एवं राष्ट्रीय इमारतों पर भव्य रोशनी की जाती है| स्थान -स्थान पर विभिंन प्रकार के सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है |गणतंत्र दिवस हमारी राजनैतिक दृष्टि से प्राप्त पूर्ण स्वाधीनता और पूर्ण स्वराज्य के लिए दी गई कुर्बानियों का स्मृति -पर्व है | हर्ष , करुणा , उत्साह, वियोग, रौद्र आदि विभिंन रसों का एक साथ संचार करने वाले इस पर्व का प्रत्येक भारतीय के लिए परम महत्व है |इस दिन हमे अपने बलिदानियों के प्रति अपनी कृतज्ञता अर्पित करनी चाहिए | और अपनी समस्त श्रुद्रताओं का परित्याग करके देश की आजादी को बनाए रखने ,पारस्परिक भेदभावों की खाइयों को पाट देने और निःस्वार्थ रूप से देश के लिए जीने -मरने की प्रतिज्ञा करनी चाहिए | वर्तमान परिस्थितियों में विशेष रूप से आजाद भारत के कृतघ्य ,विलासी ,भ्रष्ट ,मानवीयता एवं राष्ट्रहित को ताक पर रखकर चलने वाले हर भारतीय के लिए यह पर्व एक सन्देश अथवा चैतावनी देने आता है |ऐसे लोगों के लिए यह आवश्यक है की वे अपनी जातिगत एवं सांप्रदायिक संकीर्णताओं ; छल -कपट ,शोषण और गुनाह के रास्ते पर चलकर भी स्वयं को श्रेष्ठ एवं सशक्त मानते चले जाने की नंपुसक मानसिकताओं तथा अपनी स्वार्थप्रेरित भ्रष्टताओं का यथाशीध्र परित्याग कर दें | ऐसे लोगों को और अधिक समय तक देश अथवा समाज के साथ खिलवाड़ करने का अवसर नहीं दिया जा सकता | हमें अपने महान देश की गौरवशाली परम्पराओं , आदर्शों और आजादी को हर हाल में बरकरार रखना है |

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