Raksha Bandhan Rakhi Festival

Raksha Bandhan Rakhi Festival रक्षाबंधन हिन्दुओं का प्रमुख त्यौहार हैं

रक्षाबंधन की कहानी हिंदी मैं:-

आज हम आपको रक्षाबंधन के त्यौहार के बारे मैं पुरे बिस्तार से समझाते हैं , रक्षाबंधन हिन्दुओ का प्रमुख त्यौहार हैं। 

Raksha Bandhan 2019 :- Thursday 15 August (15-08-2019) . Raksha Bandhan is a famous hindu festival.

Today we explain to you about the festival of Rakshabandan with full detail, Rakshabandhan is the main festival of Hindus. In our country India year many festivals are celebrated, and our country India is also called the country of festivals. Here I live with people of many religions. And every religion has its own different festivals. Every Indian is very keen to know the day of the festival of Rakhi on the festival day. Even without any relation.

Rakhi gets an opportunity to have a brother’s relationship, Rakhi’s history can be seen only from the era of major texts like Mahabharata and Ramayana. 

हमारे देश भारत वर्ष मैं कई त्यौहार मनाये जाते हैं , और हमारे देश भारत वर्ष को त्योहारों का देश भी कहा जाता हैं ,यहाँ कई धर्मों के लोग साथ मैं रहते हैं। और हर धर्म का अपना अपना अलग तरीके का त्यौहार होता हैं।सावन का महीना आते ही हर भारतीय राखी का त्यौहार के दिन को जानने को बड़ा ही उत्सुक रहता हैं। कोई भी रिश्तेदारी न होते हुए भी , राखी से भाई बहन का रिश्ता निभाने का मौका मिलता है ,राखी का इतिहास तो हमें महाभारत और रामायण जैसी बड़े ग्रंथों के युग से ही देखने को मिलता हैं।

भगवन श्री कृष्ण को श्रुति देवी नाम की एक जाची थी , उष्ण शिशुपाल नामक एक विकृत बच्चे को जन्म दिया था।

बड़ो से पता चलता है की जीश्के स्पर्श से सिसुपाल स्वस्थ होगा उसी के हाथों वो मारा जायेगा।

एक दिन श्री कृष्ण अपने चाची के घर आये थे और जैसे ही श्रुति देवी ने कृष्ण के हाथों मैं अपने बेटे को रखा

History of Raksha Bandhan In Hindi

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तो वह बच्चा सुद्र हो गया , माना की श्रुति देवी यह बदलाव देखकर प्रसन हो गई ,

लेकिन उसकी मोत श्री कृष्ण के हाथों होने की संभावना के वजह से बिचलित हो गयी।

वह भगवन श्री कृष्ण से प्रार्थना करने लगी, भले ही सिसुपाल कोई गलती कर बैठे लेकिन उसे आप हाथों

सजा नहीं मिलनी चाहिये।तो भगवन श्री कृष्ण ने उससे वादा किया ,की मैं उसके गलतियों को माफ़ कर दूंगा।

लेकिन वह अगर सौ से ज्यादा गलतियां कर बैठेगा तो मैं उसको जरूर सजा दूँगा।

सिसुपाल बड़ा होकर जेडी नामक राज्य का राजा बन गया , और वह एक राज्य का राजा भी था। श्री कृष्ण का रिश्तेदार भी। लेकिन वह क्रूर राजा बन गया। अपने राज्य के लोगों को बहुत सताने लगा। और बार बार भगवान श्री कृष्ण को चुनौती देने लगा ,एक समय तो उसने भरी राज्य सभा मैं ही भगवान श्री कृष्ण की निंदा की और बस सिसुपाल ने उसी दिन 100 गलतियों की सीमा पार कर दी थी। तुरंत ही भगवान श्री कृष्ण ने अपने सुदर्शन चक्र का शिशुपाल के ऊपर प्रयोग किया ,

इसी तरह से बहुत चेतावनी मिलने के बावजूद भी सिसुपाल ने अपने गुण नहीं बदले और अंत मैं उसे

अपनी सजा भुगतनी पड़ी। भगवान श्री कृष्ण जब क्रोध मैं अपने सुदर्शन चक्र छोड़ रहे थे तब उनके

उंगली मैं भी चोट लगी , भगवान श्री कृष्ण के आस पास के लोग उस घाव पर बांधने के लिए ,

इधर उधर भागने लगे पर वहां पर खड़े द्रोपदी कुछ सोचे समझे बिना अपने साड़ी के कोने को फाड़

कर भगवान श्री कृष्ण के घाव पर लपेट दिया। सुक्रिया प्यारी बहिना तुमने मेरी कस्ट मैं साथ

रक्षाबंधन की कहानी हिंदी मैं

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दिया हैं तो तुम्हारे कस्ट मैं साथ देने का वादा करता हूँ। ये कहके भगवान श्री कृष्ण ने द्रोपदी को

उनका अश्वासन दिया था।और इस घटना से रक्षा बंधन का प्रारम्भ सुरु हुवा। बाद मैं जब कौरवों

ने पूरी राज्य सभा के सामने द्रोपदी की साड़ी खींच कर जब उसका अपमान करने का प्रयास किया

तो भगवान श्री कृष्ण ने द्रोपदी को बचा कर अपना वादा पूरा किया था। उस समय से लेकर बहिने

अपने भाइयों को राखी बांध रही है। और बदले मैं भाई जीवन भर उनकी रक्षा करने का वादा करते हैं।

सावन माश के पूर्णिमा पर राखी के अलावा और भी त्यौहार मनाये हैं ,कुछ लोग इसी दिन अपने यत्नों को भी बदलते हैं। और ये इस दिन को जनधायला पूर्णिमा भी कहते हैं ,इस दिन उड़ीसा और पश्चिम बंगाल मैं कुछ लोग , राधा और कृष्ण की मूर्तियों को पालने मैं रखे झूला झुलाते हैं और इस दिन को झूलन पूर्णिमा कहते हैं।

Raksha Bandhan Rakhi Festival

Happy Raksha Bandhan Images
Happy Raksha Bandhan Images

उत्तर भारत के कुछ राज्यों में इस दिन पर गेहूं के बीज बो ते हैं। और इस दिन को कचरी पूर्णिमा के रूप मैं पहचाना जाता हैं। केरल और महाराष्ट्रा के लोग इस दिन नारली पूर्णिमां बुलाते हैं। और वे समुद्र देवता करते हैं। हालाँकि इस दिन कई तरह के उत्सव मनाये जाते हैं। लेकिन उनमें से सबसे लोकप्रिय और प्रमुख त्यौहार होता हैं रक्षाबंधन।

हर लोग अपने अपने तर्क बताते हैं और हर किसी का रक्षाबंधन मानाने के अपना अलग तरीका होता हैं ,रक्षाबंधन भाई बहन का अटूट रिश्ते को बनाने के सम्बन्ध मैं मनाया जाता हैं।

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