Light Of Knowledge| 1001+Quotes on Light Of Knowledge ज्ञान की ज्योति

Light Of Knowledge 1001+Quotes on Light Of Knowledge ज्ञान की ज्योति

कांटों में रहते हुए भी हवा के ताजा झोंके को महसूस करके फूलों की तरह मुस्कराया करो

परमार्थिक कर्मो के आचरण से ही मनुष्य को ज्ञान प्राप्त होता है |

स्वामी शंकराचार्य

विश्वा के सर्वोत्कृष्ट कथनों और विचारों का ज्ञान संस्कृति है |

मैथ्यू अर्नाल्ड

अनुभव अमूल्य कसौटी है |

रवीन्द्रनाथ टैगोर

असफलता होने पर हम केवल निराशा होंगे ,परन्तु प्रयास न करने की स्थिति में हमारा भविष्य ही न रह जायेगा |

मेरा मुझ में कुछ नहीं ,जो कुछ है सो तोर |तेरा तुझको सौंपता ,क्या लागे है मोर ||

कबीर

देह धरे का दण्ड है ,सब काहू को होय | ज्ञानी काटे ज्ञान से ,मूरख भोगे रोय ||

कबीर

शक्ति ,वीर पुरुष का गहना ,उनकी महानता ,क्षमा में ही है -‘क्षमा वीरस्य भूषणम’

डॉ० मालती शर्मा

किसी निश्चय पर पहुँचना ही विचार का उद्देश्य है और जब किसी बात का निश्चय हो जाये ,तो उस पर अमल करने में देर करना भूल है |

तिरुवल्लुवर

ज्ञान की कोई सीमा नहीं है | जितनी ही हम उसमें डुबकी लगाते हैं ,वह और गहरा होता जाता है |

अरस्तु

ज्ञान धन से उत्तम है , क्योकिं धन की तुमको रक्षा करनी पड़ती है और ज्ञान तुम्हारी रक्षा करता है |

अली

जो राष्ट्र का हिट ,वही व्यक्ति का हिट और जो राष्ट्र का कर्तव्य ,वही व्यक्ति का कर्तव्य -यह भावना जिस दिन प्रत्येक में हो जाएगी ,वह देश के लिए बड़ा ही सुदिन होगा |

लोकमान्य तिलक

All types of human knowledge are only part of religion. सभी प्रकार का मानवीय ज्ञान केवल धर्म का ही भाग है |

स्वामी विवेकानन्द

प्रतिष्ठा बनाने में कई वर्ष लग जाते हैं ,कलंक एक पल में लग जाता है |

सुदर्शन

वह ज्ञान ,जो मानवता को पीस डाले ,ज्ञान नहीं है |

प्रेमचंद

गुण ,नीच पुरुषों में द्वेष और महान व्यक्तियों में स्पर्धा पैदा करता है |

फील्डिंग

ज्ञान का सार यह है कि ज्ञान रहते उसका उपयोग करना चाहिए और उसके अभाव में अपनी अज्ञानता स्वीकार कर लेनी चाहिए |

कन्फ्यूशियस

ज्ञान का मूल्य बहुमूल्य रत्न से भी अधिक है |

निराला

अपनी योग्यता को छिपाने के लिए भी बड़ी योग्यता की आवश्यकता होती है |

ला रोशोको

ज्ञान मनुष्य इस जगत को स्वर्ग में परिवर्तित कर सकता है |

स्वामी शिवानन्द

बुद्धि के सिवा विचार -प्रसार का दूसरा कोई शास्त्र नहीं है ,क्योकिं यह अन्याय का ज्ञान ही मिटा सकता है |

स्वमी शंकराचार्य

जो अपने हिस्से का काम किए बिना ही भोजन पाते हैं ,वे चोर हैं |

महात्मा गाँधी

मेरे पास एक दीपक है , जो मुझे मार्ग दिखाता है और वह है मेरा अनुभव |

पैट्रिक हैनरी

भीतर के ज्ञान से बढ़कर दुनिया में कोई ज्ञान नहीं | भीतर ही है -ज्ञान का स्रोत | यदि वह स्रोत हाथ लग जाए तो बाहर ज्ञान की त्रिवेणी फूट -फूट करस्वतः ही बह उठती है |

स्वमी विवेकानंद

सौन्दर्य पवित्रता में रहता है और गुणों में चमकता है |

शिवानंद

मेरी राय मानो तो अपनी नाक से आगे न देखा करो | तुम्हें हमेशा यह महसूस होता रहेगा कि उससे आगे भी कुछ है | ज्ञान तुम्हें आशा और आनंद से मस्त रखेगा |

जार्ज बर्नार्ड शॉ

विश्वविद्यालयों के विद्यार्थियों की परीक्षा उनके ज्ञान से नहीं वरन उनके धर्माचरण द्वारा ही होगी |

महात्मा गाँधी

कला का रहस्य भ्रान्ति है ,पर वह भ्रान्ति जिस पर यथार्थ का आवरण पड़ा हो |

प्रेमचंद

अच्छी प्रतिष्ठा पाने का मार्ग अपने को उस योग्य बनाने का प्रयत्न करना है , जैसा कि तुम दुसरों की दृष्टि में दिखना चाहते हो |

सुकरात

बाजार से कोई भी वस्तु खरीदने से पहले मैं सोचता हूँ कि इस वस्तु के बिना भी क्या मेरा काम चल सकता है ?

अरस्तु

इच्छा कभी तृप्त नहीं होती | यदि उसे त्याग दें ,तो उसी क्षण सम्पूर्णता की प्राप्ति हो जाती है |

तिरुवल्लुवर

इसलिए न पढ़ो कि उसका खंडन करना है या पुरे विश्वास के साथ मान लेना है , और न ही कि उस पर वाद -विवाद करना है ,वरन इस विश्वास ले साथ पढ़ो कि उसे बुद्धि की कसौटी पर कसना है |

बेकन

करुणा हमें अभाव या कष्ट स ऊपर उठाने के लिए निश्चित कर्म की ओर अग्रसर करती है |

इन्दिरा गाँधी

मनुष्य जितना ज्ञान में घुल गया हो ,उतना ही वह कर्म के रंग में रंग जाता है |

विनोबा

दीक्षा का अर्थ आत्मा -समर्पण है , आत्मा -समर्पण बाहरी आडंबर से नहीं होता ,यह मानसिक वस्तु है |

महात्मा गाँधी
सभी प्रकार का मानवीय ज्ञान केवल धर्म का ही भाग है

ज्ञानरूपी जानने योग्य और ज्ञान से प्राप्त होने वाला परमात्मा सभी के हृदय में विराजमान है |

वेदव्यास

परमेश्वर विद्वानों की संगति से प्राप्त होता है |

ऋग्वेद

जिसको बुद्धि नहीं है , उसको बिना सींग का पशु समझना चाहिए |

प्रेमचंद

हृदय की गांठों का खुल जाना ही ज्ञान है और ज्ञान होने पर ही मुक्ति होती है |

महोपनिषद

शिक्षित के लिए सभी देश और नगर अपने बन जाते हैं |

तिरुवल्लुवर

माता के समान सुख देने वाली कौन ?उत्तम विद्या | देने से हमेशा बढ़ती है | उत्तम विद्या |

शंकराचार्य

दूसरों की ख़ुशी अपने गमों को तजा करती है और उनके गम अपने गम को हल्का करता है |

फ्रेंकलिन

बुढ़ापे का वक्त बहुत ही ख़ुशी का वक्त है लेकिन शर्त यह है कि सेहत और सच्चा दोस्त भी मिला हुआ हो |

सुकरात

इन्सान वर्षों में जवान होता है लेकिन अगर वह अपने वक्त को बेहतरीन तरीके से जिये तो घंटो में बड़ा या तजुर्बेकार हो जाता है |

फीसा गोरस

ज्यादा बातचीत करना हर लिहाज से दीवानगी की दलील है |

अरस्तु

ताजा लगा हुआ पेड़ एक आदमी के हाथों उखड़ जाता है ,जब वही पेड़ बढ़ते बढ़ते जड़ पकड़ लेता है ,तो उसे उखाड़ना मुश्किल हो जाता है |

यदि तुम चाहते हो कि तुम्हारी मृत्यु के बाद तुम्हें लोग भील न जायें ,तो या तो ऐसा कुछ लिखो ,जो पढ़ने योग्य हो ,या ऐसे काम करके जाओ ,जो लिखने योग्य हों |

बेंजामिन फ्रेंकलिन

मस्तिष्क के लिए अध्ययन की उतनी ही आवश्यकता है , जितनी शरीर के लिए व्यायाम की |

जोसेफ एडिसन

अच्छी पुस्तकें काल -सागर पर सुरम्य सेतु हैं ,वे वर्तमान को अतीत से जोड़ती हैं और भविष्य की ओर उन्मुख करती हैं |

महर्षि दयानन्द

मानव की सम्पूर्णता का प्रकटीकरण ही अच्छी पुस्तकें हैं |

स्वामी विवेकानंद

शिक्षा वही है , जिसके द्वारा साहस का विकास हो ,गुणों में वृद्धि हो और ऊँचे उद्देश्यों के प्रति लगन जागे|

महात्मा गाँधी

अच्छी पुस्तकें आत्मा का आहार हैं |

गणेश शंकर विद्यार्थी

अच्छी पुस्तकें में लिखी विद्या और दूसरों के पास जमा धन आवश्यकता पड़ने पर काम नहीं आता |

चाणक्य

मैं नरक में भी उत्तम पुस्तकों का स्वागत करूँगा ,क्योकि इनमें वह शक्ति है कि जहाँ भी ये होंगी ,वहाँ अपने आप ही स्वर्ग बन जायेगा |

लोकमान्य तिलक

अच्छी पुस्तकों ,निराशा में आशा उतपन्न करती हैं ,और गहन अंधकार को आलोकित करती हैं |

रवीन्द्रनाथ टैगोर

संसार में ज्ञान के सदृश पवित्र और कुछ नहीं है |

अथर्ववेद

कौवे का शरीर चाहे सोने का हो ,उनकी चोंच में माणिक्य जड़ें हों और उसका एक -एक पंख मणियों से गूँथा हुआ हो ,फिर भी वह कौआ ही बना रहेगा ,राजहंस नहीं हो जायेगा |

अज्ञात

ज्ञान की बातें सुनकर जो उन पर अमल करता है ,उसी हृदय में ज्ञान की ज्योति प्रकट होती है |

हज़रत अबुसमान

ज्ञान जब इतना घमंडी बन जाय कि वह रो न सकें ;इतना गम्भीर बन जाय कि हँस न सके और इतना आत्म -केन्द्रित हो जाय कि अपने सिवाय और किसी की चिंता न करे तो वह अज्ञान से भी अधिक खतरनाक होता है |

खलील जिब्रान

जिसने ज्ञान को आचरण में उतार लिया ,उसने ईश्वर को मूर्तिमान कर लिया |

विनोबा भावे

किसी रचना को अच्छा या बुरा कहना आलोचना नहीं ,यह तो व्यक्तिगत रूचि -बोध की बात हुई |

यूजीन इयोनेस्को

हर चीज का एक हुस्न होता है | नेकी का हुस्न ये ही कि फौरन कर ली जाए |

खुशमिजाजी से पेश आना सबसे बड़ी नेकी है |

ज्ञान का अंतिम लक्ष्य चरित्रनिर्माण होना चाहिए |

किसी गरीब इन्सान और उसके फ़टे हए लिबास को न देखो बल्कि उसकी शराफत और इंसानियत को देखो |

बड़े आदमी मरने पर ऐसी ज्योति छोड़ जाते हैं ,जो उनकी मृत्यु के बाद भी कई युगों तक जगमगाती रहती है |

अच्छे बोल ऐसे फूल हैं ,जिनकी जड़ें जमीन में और शाखायें आसमान पर होती है |

जिन्दगी एक फूल की तरह है | अगर उसे अच्छे कर्मो के साथ गुजारा जाए तो यह सदाबहार खुशबु है ,अगर बुरे कर्मो के साथ गुजरें तो मुरझाए हुए फूल की तरह बेरंग है |

अच्छी गुफ्तगू एक ऐसा फूल है जो कभी नहीं मुरझाता |

जिस तरह हम बाग में जाकर तरह -तरह के फूलों को देखकर खुश होते हैं और उनकी महक लेती हैं काश ,हम उसी इन्सानों को भी तरह-तरह के फूल समझें |

ईमान के चार खम्भे हैं -सब्र ,यकीन ,इन्साफ और ईमान को बचाने के लिए लड़ाई या जिहाद |

पढ़ा -लिखा आदमी मरने के बाद भी जिन्दा रहता है और अनपढ़ जिन्दगी में ही मर जाता है |

तीन बातों से ख़ुशी मिलती है -एक जैसे ख्यालात वाला जिन्दगी का साथी ,अच्छी और नेक औलाद और वफादार दोस्त |

माँ -बाप को नाराज करने से उम्र कम होती है |

जो खुद को बहुत कुछ समझते हैं ,उनसे नाराज रहने वाले बहुत होते हैं |

जिससे अपनी बागडोर सिर्फ उम्मीदों के हाथ में दी ,उसने मौत की ठोकर खाई |

नेकी करने में देर न करो और बदला लेने में जल्दी करो |

सूरत बगैर सीरत के एक फूल है जिसमें काँटे ज्यादा हैं और खुशबु बिल्कुल नहीं |

हर नई चीज अच्छी लगती है मगर दोस्ती जितनी पुरानी हो उतनी ही मजबूत और उम्दा होती है |

आप सीखना चाहें तो आपकी हर गलती आपको सिखा सकती है |

जालिम और सितमगरों के साथ ताल्लुकात मत रखो | कयामत के रोज इसके लिए तुमसे पूछताछ होगी |

जिंदगी की सबसे बड़ी जीत है ,खुद पर काबू पाना |

If you remove any deficiency, dissolve the sweet juice in such a way. किसी की कमी निकालो तो इस तरह कि उसमें सुधार का मिठा रस घोल दो |

नसीहत चाहे दीवार पर लिखी हो उसे जहन में बिठा लो |

किसी की कमी निकालो तो इस तरह कि उसमें सुधार का मिठा रस घोल दो

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