Keep Up The Good Work| 1000+Good Work Quotes|नेक अमल

Keep Up The Good Work, 1000+ Good Work Quotes नेक अमल

The aroma of flowers spreads only in the wind direction

करुणा हमें आभाव या कष्ट से ऊपर उठाने के लिए निश्चित कर्म की ओर अग्रसर करती है |

Compassion leads us to definite karma to elevate us from lack or suffering.

इन्दिरा गाँधी

प्रतिभा जाति पर निर्भर नहीं है| जो परिश्रमी है , वही प्राप्त करता है |

Talent is not dependent on caste. One who is hardworking gets only that.

शाह अब्दुल लतीफ

कार्य पालन करने में मिठास है | There is sweetness in performing work.

गांधी जी

काँटों को कह रहे बुरा क्यों ? तुम तो एक फूल खिलाओ | अन्धकार को कोस रहे क्यों , दीपक तो एक जलाओ |

Why are thorns saying bad? You feed me a flower. Why curse the darkness, light a lamp.

इस तरह तय की है हमने मंजिलें | गिर पड़े गिरकर उठे , उठकर चले |

This is how we set the floors. Fall fell, got up and got up.

न तन सेवा , न मन सेवा , न जीवन और धन सेवा | मुझे है इष्ट जन सेवा , सदा सच्ची भुवन सेवा |

Neither body service, nor mind service, nor life and wealth service. I have favored public service, always true Bhuvan service.

गुप्त
Compassion leads us to definite karma to elevate us from lack or suffering

क्षमा बड़न को चाहिए, छोटन को उत्पात कहा घटयो ह्री को, कियो जो भृगु मारी लात |

Forgiveness is a necessity, to be short is called a bad thing.

कमजोरियों छोटी बड़ी , सब बीन करके छाँट दे शाखा न केवल तोड़ उनकी , मूल तक भी काट दे|

Weaknesses small and big, all bean sort and give branch not only break them, even cut them to the root.

जो अप्राप्त है करो निरन्तर , प्रयन्त उसे पा जाने का , प्राप्त हुए की करते ,करो प्रयत्न बढ़ाने का ,बढ़े हुए को रखो पात्र में , योग्य व्यक्तियों के लाभार्थ , करते चलो सावधानी से जीवन के चारों पुरुषार्थ ||

दीनानाथ दिनेश

कदम चूम लेगी खुद आ के मंजिल | मुसाफिर अगर आप हिम्मत न हारें ||

She will kiss Kadam herself on her floor. Traveler if you do not give up.

खुदी को कर बुलंद इतना कि हर तदबीर से पहले खुदा बंदे से खुद पूछे बता तेरी रज़ा क्या है ?

So much to God, that God should ask himself before every tadbir, what is your raja?

तुलसी मीठे वचन ते ,सुख उपजत चहुँ ओर | बसीकरन इक मंत्र है ,तज दे वचन कठोर ||

तुलसी

औरों को हँसते देख मनु ,हँसो और सुख पाओ |अपने सुख को विस्तृत कर लो , जग को सुखी बनाओ ||

जय शंकर प्रसाद
Talent is not dependent on caste One who is hardworking gets only that

न सुनो ,गर बुरा कहे कोई | न करो ,गर बुरा करे कोई || रोक दो ,गर गलत चले कोई | वख्श दो ,गर ख़ता करे कोई ||

खुद अपने पैरों को हिम्मत का बल दे , उठा अपना सर और आगे को चल दे | कहाँ पूछता फिर रहा तू अपना ज्योतिष ,ग्रहों का अगर डर है तो उनको बदल दे ||

यदि आप अपने मातहतों ,अपने से छोटों से अच्छा काम कराना चाहते हैं तो पहले आपको ही अच्छा काम करके उदाहरण पेश करना होगा |

रामलाल

अपने कार्यों को कभी भी बोझ न समझें , उसे सरल बनाएँ ,दुर्भाग्य भी न समझें ,वरन जैसा भी है -सौभाग्य समझें |

रामलाल

दिखावे से अपने आपको हमेशा दूर रखें ,दुसरों को देखकर होड़ न करें और जितना भी सम्भव हो अनावश्यक खर्चों से बचें |

रामलाल

चाहे कोई हमारी बात समझे या न समझे सदा संक्षेप अच्छा रहता है |

बुलवर

न तुम्हारी दौलत तुम्हें खुदा के नज़दीक ला सकती है ,न तुम्हारी औलाद | खुदा के नज़दीक तो वही का सकता है जो भलाई करे |

हज़रत मोहम्मद
She will kiss Kadam herself on her floor Traveler if you do not give up

जिस किसी से जितना भी ज्ञान मिले , उसे प्राप्त कर लेना चाहिए और बदले में कृतज्ञता प्रकट करनी चाहिए |

चाणक्य

नकारात्मक विचार निर्बलता को जन्म देते हैं और सकारात्मक विचारों से निंदा और व्यक्तित्व का नवनिर्माण होता है |

अपनी निंदा और प्रशंसा , परायी निंदा और परायी स्तुति -ये चार प्रकार के आचरण श्रेष्ट पुरुषों ने कभी नहीं किया |

वेदव्यास

बीते कल की निराशा त्यागो ,संभावनाओं से भरे भविष्य के लिए जियो | अतीत मर चूका है भविष्य जीवंत है |

स्वामी विश्वनंद

प्रसिद्ध; होने के बजाय , ईमानदार होना अधिक अच्छा है |

थियोडोर रूजवेल्ट |

शत्रु के गुण ग्रहण करो और गुरु के अवगुणों पर ध्यान मत दो |

सम्पति हमारी नहीं ,प्रभु की है | सम्पति का उपभोग नहीं ,सदुपयोग करना चाहिए | इसका अधिक अंश सेवा ,परोपकार व राष्ट्र को अर्पित करना ही सदुपयोग है |

स्वामी कृष्णबोध
So much to God that God should ask himself before every tadbir what is your raja

यदि तुम्हें अपने पड़ोसी की त्रुटियों को सहना है तो अपनी दृष्टि खुद अपनी त्रुटियों पर डालो |

गोलिना

शिशु राष्ट्र की अमूल्य एवं पवित्र सम्पति है , उसका सर्वागीण विकास करना ही देश की सच्ची सेवा है |

साधु स्वाद के लिए भोजन करें , जीवन यात्रा के निर्वाह के लिए करें |

अधिक काँटेदार वृक्षों को छोटेपन में ही काट देना चाहिए ,क्योकिं बड़े होने पर उस हाथ को घायल कर देगें जो उन्हें काटने जाएगा |

तिरुवल्लुवर

दृढ़ संकल्प एक गढ़ के समान है , जो भयंकर प्रलोभनों से हमको बचाता है , दुर्बल और कमजोर होने से हमारी रक्षा करता है |

महात्मा गाँधी

बच्चे बड़ों से बहुत कुछ चाहते हैं , सो ठीक है पर बदले में बड़े भी बच्चों से बहुत अधिक तो नहीं किन्तु कुछ तो चाहते हैं | इसलिए बच्चों को भी उसी अनुसार कुछ करना चाहिए |

रामलाल

वाणी पर संयम करने से मन पर अधिकार हो जाता है , मन पर संयम करने से जीवन पर अधिकार हो जाता है |

The greatest glory in living lies not in never falling but in rising every time we fall

अधिक सम्पन्न होने पर भी जो असंतुष्ट रहता है , वह सदा निर्धन है धन से रहित होने पर भी संतुष्ट रहता है , वह सदा धनी है |

अश्वघोष

जिस समय कोई आदमी किसी की दासता स्वीकार करता है , उसकी आधी योग्यता उसी समय नष्ट हो जाती है |

ओडेसी

निद्रा ,तन्द्रा ,भय ,क्रोध ,आलस्य और दीर्घसूत्रता इन अवगुणों को उन्नति के इच्धुक पुरुष को अवश्य त्याग देना चाहिए |

हितोपदेश

मस्तिष्क की शक्ति अभ्यास है , आराम नहीं |

पोप

असावधान सफल नहीं हो सकता ,घमण्डी अपने उद्देश्य को पूरा नहीं कर सकता |

सलालुद्दीन सफदी

सीधा रास्ता जैसा सरल है वैसा ही कठिन है ऐसा न होता तो सभी सीधा रास्ता ही लेते |

महात्मा गाँधी

एकाग्रता आवेश को पवित्र और शान्त कर देती है , विचारधारा को शक्तिशाली और कल्पना को स्पष्ट करती है |

स्वामी शिवानन्द

अनिश्चितता और विलम्ब असफलता के माता -पिता हैं |

केनिंग
The way to get started is to quit talking and begin doing

अज्ञानी रहने से जन्म न लेना अच्छा है , क्योकि अज्ञानता सब दुःखों की जड़ है |

प्लेटो

चरित्रहीन शिक्षा , मानवताहीन विज्ञान और नैतिकताहीन व्यापार लाभकारी तो होते नहीं ,अपितु पूर्ण खतरनाक होते हैं |

जिसने अपनी इच्छाओं पर विजय पा ली है और जो अपने कर्तव्य से विचलित नहीं होता ,उसकी आकृति पहाड़ से भी बढ़कर रोबदाब वाली होती है |

तिरुवल्लुवर

सभी इच्छाएं मन में ही उतपन्न होती हैं इसलिए श्रेष्ठ पुरुष वे हैं जो मन पर काबू पा लेते हैं |

एतरेय आरण्यक

अहंकार मानव को सदैव दूर करता है ,क्योकि उसमें अपनी ओर आकृष्ट करने की चुंबक शक्ति नहीं होती |

भगवतगीता

मेरे जैसा कोई कुटिल ,दुष्ट और कामी नहीं है ,मैं ऐसा नमक हराम हूँ कि जिस भगवान ने मुझे जन्म दिया है , उसे मैं भूल गया हूँ |

सूरदास

क्षमा धर्म है ,क्षमा यज्ञ है , क्षमा वेद है और क्षमा शास्त्र है ,जो इसे जानता है वह सब कुछ क्षमा करने योग्य हो जाता है |

वेदव्यास

सम्पूर्ण विश्व में केवल एक ही जाति है -मानव जाति ,एक ही भाषा है -प्रेम की भाषा , एक ही परमात्मा है जो सर्वव्यापी है |

सत्य सांईबाबा

संसार के पुस्तकालय से मैंने चार शब्द छांटे हैं ,दो को याद रखना चाहिए और दो को भूल जाना चाहिए , ईश्वर और मृत्यु को याद रखो | नेकी को जो तुम किसी के साथ करो और बदी को जो कोई तुम्हारे साथ करे ,भूल जाओ |

लुकमान

बसन्त का आनन्द वही उठा सकता है जिसने पतझड़ देखा है |

शेक्सपीयर

जिस मनुष्य की जितनी कम आवश्यकता होती है , वह ईश्वर के उतने ही समीप होती है |

सुकरात

ईश्वर बड़े -बड़े साम्राज्यों से विमुखहो जाता है परन्तु छोटे -छोटे मनुष्यों से कभी भी खिन्न नहीं होता|

रवीन्द्रनाथ टैगोर

अहंम की जितनी तुष्टि की जाती है , वह उतना ही अधिक अतृप्त रहता है |

बैंजामिन फ्रैंकलिन

सौभाग्यशाली वह है जो किसी चीज की आशा नहीं करता क्योकि उसे कभी निराश नहीं होना पड़ता |

अलैग्जैंडर

शरीर का भोजन अन्न है , मस्तिष्क का साहित्य |

आचार्य चाणक्य

यदि यह चाहते हो कि दुःख पीछे न आए हो तत्काल सुनो ,वह क्या सिखा रहा है ?

बर्क

अपने धैर्य के सिवा कोई और संकट से मनुष्य का उद्धार नहीं करता है |

योग वशिष्ठ

परोपकार करने की एक ख़ुशी से विश्व की सारी खुशियाँ तुच्छ हैं |

सर्वर्ट

गुण सर्वत्र अपना प्रभाव जमा देती है |

रघुवंश

नाम में क्या है जिसे हम गुलाब कहते हैं किसी दूसरे नाम से भी वह उतनी ही सुगंध देता रहेगा |

शैक्सपियर

स्त्रियों की चित्तवृत्ति निरंतर साहचर्य के कारण अपने पति के समान ही हो जाती है | मधुर गंध वाली लता भी विषवृक्ष पर आश्रित होने पर मूर्छा उतपन्न कर देती है |

वैणी संहरम्

निरर्थक आशा में बंधा मावन अपना हृदय दुखा डालता है और आशा की कड़ी टूटते ही , वह झट से विदा हो जाता है |

रवीन्द्रनाथ टैगोर

संसार के सबसे बड़े अधिकार सब्र और त्याग से मिलते हैं |

मुंशी प्रेमचंद

सत्य एक विशाल वृक्ष है ,उसकी ज्यों -ज्यों सेवा की जाती है ,त्यों -त्यों उसमे अनेक फल आते हुए नजर आते हैं ,उसका अन्त ही नहीं होता |

बुद्धिमान व्यक्ति बोलने से पहले सोचता है , मुर्ख व्यक्ति बोल लेता है और तब सोचता है कि वह क्या कह गया ?

फ्रांसिसी कहावत

संसार में आज तक युद्ध और बुरी शान्ति कभी नहीं हुई |

फ्रैंकलिन

किसी के दुर्वचन कहने पर क्रोध न करना क्षमा कहलाता है |

स्वामी विवेकानंद

विशुद्ध हृदय वाले सज्जनों की बुद्धि कभी मंद नहीं होती |

बाल्मीकि रामायण

परमेश्वर की दृष्टि में सदाचारी मनुष्य अत्यंत सम्माननीय समझा जाता है |

कुरान शरीफ

मन रूपी हाथी को बुद्धि के अंकुश में रखो |

रामकृष्ण परमहंस

नीच के पास भी कोई उत्तम विद्या हो तो लेनी चाहिए | सोने का दुकड़ा यदि गंदी जगह पड़ा हो तो उसे कोई नहीं छोड़ता |

मनुस्मृति

विनय व्यक्ति खुद ही नहीं झुकता बल्कि संसार को भी झुका लेता है |

सच्ची भक्ति से दुखी प्राणियों के हृदय में त्याग का बल और सुखी प्राणियों के हृदय में सेवा का बल प्राप्त होता है |

साधु अद्वैत चैतन्य जी

स्वयं भगवान विष्णु के मुखारबिंद से निकले हुए गीता के वचन में गाने और पालन करने योग्य महाफलदायक कर्तव्य के होते हुए अन्य शास्त्रों के विस्तार की क्या आवश्यकता है |

महर्षि व्यास

एक बार मैंने अपना अंतिम समय नजदीक आया हुआ महसूस किया तब गीता मेरे लिए अत्यंत आश्वासन रूप बनी थी | मैं जब -जब बहुत भारी मुसीबतों से घिर जाता हूँ ,तब -तब मैं गीता माता जे पास दौड़कर पहुँच जाता हूँ और गीता से मुझे समाधान न मिला हो , ऐसा कभी नहीं हुआ |

महात्मा गाँधी

जीवन के सर्वागीण विकास के लिए गीतग्रंथ अद्भुत है | विश्व की 578 भाषाओं में गीता का अनुवाद हो चुका है | हर भाषा में कई चितकोणों से विद्धानों एवं भक्तों ने मीमांसाए की है और अभी भी हो रही है और होती रहेंगी | क्योकिं इस ग्रंथ में किसी भी देश ,जाति ,पंथ के तमाम मनुष्यों के कल्याण की अलौकिक सामग्री भरी हुई है | अतः हम सबको गीताज्ञान में अवगाहन करना चाहिए | भोग ,मोक्ष ,निर्लेपता ,निर्भयता आदि तमाम दिव्य गुणों का विकास करने वाला यह गीताग्रंथ विश्व में अद्वितीय है |

पं ० पू ० स्वामी श्री लीलाशाह जी महाराज

भगवद गीता ऐसे दिव्य ज्ञान से भरपूर है कि उसके अमृतपान से मनुष्य के जीवन में साहस , हिम्मत ,सहजता ,स्नेह ,शान्ति और धर्म आदि दैवी गुण विकसित हो उठते हैं ,अधर्म और शोषण का मुकाबला करने का सामथर्य आ जाता है | अतः प्रत्येक युवक व युवती को गीता के श्लोक कंठस्थ करने चाहिए और उनके अर्थ में गोता लगाकर अपने जीवन को तेजस्वी ,ओजस्वी बनाना चाहिए |

पुज्यपाद संत श्री आसाराम जी बापू

गीता मेरा हृदय है , गीता मेरा उत्तम सार है ,गीता मेरा अति उग्र ज्ञान है ,गीता मेरा अविनाशी ज्ञान है , गीता मेरा श्रेष्ठ निवास स्थान है| गीता मेरा परम पद है ,गीता मेरा परम रहस्य है , गीता मेरा परम गुरु है |

भगवान श्री कृष्ण

गाने योग्य तो श्री गीता एवं श्री विष्णु सहस्त्रनाम का गान है | धरने योग्य तो श्री विष्णु भगवान का ध्यान है | चित्त तो सज्जनों के संग में पिरोने योग्य है और वित्त तो दीन -दुखियों को देने योग्य है |

श्रीमद आद्य शंकराचार्य

व्यवहार कुशलता के बिना आप कुछ नहीं सीख सकते |

डिजराइली

महान कार्य शक्ति से ज्यादा दृढ़ता से किए जाते हैं | Great work is done more strongly than power.

टामस डर्फी
Intelligence And Intelligent Quotes Intelligent Quotes About Life

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