Inner Ear Infection| Inner Monologue | अंतर्मन

Inner Ear Infection| Inner Monologue|अंतर्मन

व्यक्ति के अंर्तमन को परखना चाहिए |

वस्तुतः बंधन और मोक्ष में ही है |

जगत क किसने जीता ?जिसने मन को जीता |

,मन के लिए स्वाध्याय वैसा ही है ,जैसे शरीर के लिए व्यायाम |

जब तक मन नही मरता ,माया नहीं मरती |

मन की दशा ठीक कर लोगे तो दशा अपनी स्वयं ठीक हो जाएगी |

यदि मन पवित्र है तो तीर्थ -स्थान का फल घर में ही प्राप्त हो जाता है कहीं जाने की आवश्यकता नहीं होती |

मन जब तक जीता है ,तब तक संसार है | मन का मरना ही मुक्ति है |

विश्वसनीय व्यक्ति का भी अत्यंत विश्वास न करें |

हर तानाशाह अपने चारों ओर रेगिस्तान बना लेते हैं |

तू प्राण है परन्तु तूने अपने आपको एक पूर्ण व्यक्ति समझ लिया है | तू जल है ,किन्तु तूने अपने आपको घड़ा समझ रखा है |

जो मनुष्य अपने मन गुलाम बना रहता है वह कभी नेता और प्रभावशाली पुरुष नहीं हो सकता |

जिन्दगी क्या है ?

– एक शमां मगर बहुत जल्द बुझ जाने वाली |

-एक जेवर मगर बहुत जल्द चोरी हो जाने वाला |

-एक अफसाना मगर बहुत जल्द खत्म हो जाने वाला |

-रेत का एक घरौंदा मगर बहुत जल्द गिरने वाला |

-समन्दर की एक लहर मगर बहुत जल्द मिट जाने वाली |

तुममें सबसे बेहतर वह है जो अपने घर वालों से अच्छा सलूक करता हो और अपने बाल बच्चों को बहुत ख्याल रखता हो |

अपने से बात करने वालों से मधुर बोलें |

यदि कोई तुम्हारी ओर देखे तो उसकी ओर प्रेमपूर्वक देखो |

असत्य नहीं बोलना चाहिए |

दूसरों का धन नहीं लेना चाहिए |

वैर -विरोध पंसद नहीं करना चाहिए

सुख हृदय के अंदर और चाबी आपके हाथ में ,जरा खोलिए तो सही |

आत्मबल से भरपूर रहना चाहिए |

बोलने में निडर और प्रौढ़ हों वीर पराक्रमी और साहसी हों ,स्मरणशील ,मतिमान और बलवान हों |

शील स्वभाव हों ,शिल्प और कला में कुशल हों और दूर और दूर की बात सोचने वाले हो |

अपने लिए जिन बातों की इच्छा करें उनकी दूसरों के लिए भी इच्छा करें |

व्यवहार तभी मधुर हो सकता है जब एक दूसरे के प्रति सहनशील हो |

राग -द्वेष -ईर्ष्या -क्रोध को त्याग कर मीठे वचन ,प्रेम ,समता का जीवन धारण करें |

अहंकार जितना प्रबल होता है ,ठेस उतना ही महसूस होती है |

जब आप क्रोधित होते हैं तो बहुत सारी शक्ति नष्ट ही जाती है | अतः शक्ति का प्रयोग बुद्धिमता से करें |

थोड़े वक्त के फायदे की खातिर किसी के आगे सर झुकाना ख़ुदकुशी से भी बुरी मौत है |

अगर इन्सान समन्दर में गिरे तो बच जाता है लेकिन अगर दुनिया वालों की नज़र से गिर जाए तो मर जाता है |

Updated: April 10, 2021 — 11:04 am

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