Independence Day of India

Independence Day of India

Our country got Independence from British Empire on 15th August 1947. Independence day annually celebrate is every year in 15th August. 73 independence day this year in 2019. that time from Independence Day is celebrate with great enthusiasm in every part of the country.

  This is a red letter day in the history of India. Delhi being the capital city special function is held here .The main function os held at Red fort . prime minister of the red fort . the whole place infront of red fort and adjoining park looks neat and clean .

  Loudspeakers are installed at various places.Police arrangement is made to control public. tight security arrangement by military personnel is also made. Arrangement for a good seating and sittng of VIPs is also made.on resounds of the prime minister on the red fort the whole place resounds with the slogan ” Bharat mata ki jai” then the prime minister unfurls the national flag. it is followed by national anthem, and 21 gun salute is also given.

Independence Day Images

After these ceremonies prime minister delivers his speech. He highlights the achievements and progress made by the country in different fields . he also tells the country is facing he asks the people to stand united under the national flag and forget their petty differences for the development of the country he also cautions the people against communal forces and terrorist activities. after the speech prime minister jai hind three time- each time folliwed by the large crowd gathered to watch the function from Delhi and nearby places then the school children sing national anthem and the funcrion comes to an end.

स्वतंत्रता दिवस, Independence Day of India

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people celebrate the function in their own way as there is a public holiday the children and youth fly kites. multi color balloons are released into the sky. in this way the national festival is celebrated.

इतनी सी बात ह्वावो को बताये रखना, रोशनी होगी चिरागो को जलाये रखना।

लहू देकर की हे जिसकी हिफाजत हमने , ऐसे तिरंगो को हमेसा अपने दिल में बसाये रखना।

हमारे देश 15 अगस्त 1947 को आजाद हुवा था , इस दिन हमारा देश को ब्रिटिश साम्राज्य से स्वतंत्रता मिली थी। उसी समय अथवा  उसी दिन से देश के हर हिस्से में स्वतंत्रता दिवस बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है। और हर स्कूलो और हर गलियों मैं ये दिन बड़े धूम धाम से मनाया जाता हैं। और रोड शो किया जाता हैं।  हर कोई इस रैली मैं शामिल होते हैं।

इस दिन को भारत के इतिहास में एक लाल पत्र दिवस कहा जाता है। दिल्ली राजधानी शहर को  विशेष समारोह के साथ आयोजित किया जाता है। लाल किला में आयोजित मुख्य समारोह ओ.एस. के देख रेख मैं किया जाता हैं। लाल किला और आसपास के पार्क की पूरी जगह को अच्छी तरह से साफ और स्वच्छ किया जाता है। चरों तरफ एक अनोखी चमक होती हैं।

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विभिन्न स्थानों पर लाउडस्पीकर लगाए जाते हैं। जनता को नियंत्रित करने के लिए पुलिस की व्यवस्था की जाती है। सैन्य कर्मियों द्वारा एक कड़ी सुरक्षा व्यवस्था भी की जाती है। वीआईपी के बैठने के लिए एक उचित बैठने की व्यवस्था भी की जाती है। लाल किले पर प्रधानमंत्री के निवासों पर ‘भारत माता की जय’ के नारे के साथ पूरा स्थान गूंज उठता है, फिर प्रधानमंत्री राष्ट्रीय ध्वज फहराते हैं।

इसके बाद राष्ट्रगान गाया जाता है, और 21 तोपों की सलामी दी जाती है।स्वतंत्रता दिवस, Independence Day of India इन समारोहों के बाद प्रधानमंत्री अपना भाषण देते हैं। वे विभिन्न क्षेत्रों में देश द्वारा की गई उपलब्धियों और प्रगति पर प्रकाश डालते हैं। वह यह भी बताते  है कि देश का सम्मान करना चाहिये , वह लोगों को राष्ट्रीय ध्वज के नीचे एकजुट होने के लिए प्रेरित करते है। और एक जुट होने का मार्ग दरसन करते हैं। 

Independence Day Images

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इसी तरह से वो देश के विकास के लिए अपने छोटे मतभेदों को भूल जाने  लिये कहते है। वह लोगों को सांप्रदायिक ताकतों और आतंकवादी गतिविधियों के खिलाफ भी चेतावनी देते है। भाषण के बाद प्रधान मंत्री जी ने तीन बार हिंद- दिल्ली और आस-पास के स्थानों को देखने के लिए एकत्रित भीड़ द्वारा हर बार जोर दिया और फिर स्कूली बच्चों ने राष्ट्रगान गाया। लोग अपने-अपने तरीके से समारोह मनाते हैं , क्योंकि बच्चों और युवाओं की पतंग उड़ाने के लिए लोकगीतों की छुट्टी होती है।इस तरह बहुत सारे रंग के गुब्बारे आकाश में छोड़े जाते हैं। इस तरह से राष्ट्रीय पर्व मनाया जाता है।

15 अगस्त , स्वतन्त्रता दिवस

सदियों की गुलामी के पश्चात 15 अगस्त सन 1947 के दिन आजाद हुवा। पहले हम अंग्रेजो के गुलाम थे। उनके बढ़ते हुवे अत्याचारों से सारा भारत वासी सस्त हो गए और तब बिद्रो के ज्वाला भटकी और देश के अनेक बीरो ने प्राणो की बाजी लगाई गोलिया खाये और अन्ततः आजादी पाकर ही चेन लिया। इस दिन हमारा देश आजाद हुवा ,इस लिए इसे स्वत्रंत दिवस के रूप मैं मनाया जाता हैं।

Happy-Independence-Day

अंग्रेजो के अत्याचारों और अमानवीय बुहारो से सभी भारतीय जनता एक जुट हो इससे छुटकारा पाने हेतु करितसंकल्प हो गयी सुबास चंद बोस ,भगत सिंह ,चंद शेखर आजाद ने क्रांति की आग फैलाए और अपने प्राणो की आहुति दी। सरदार बल्ब भाई पटेल , गाँधी जी ,नहरू जी ने सत्य , अहिंसा और बिना हतियारो की लड़ाई की .सत्य ग्रह आंदोलन किया , लाठिया खायी , कए बार जेल गए और अंग्रेजो को हमारा देश छोड़कर जाने पर मजबूर किया। इस तरह 15 अगस्त 1947 का दिन हमारे लिए स्व डिम दिन बना अब हमारा देश स्वतंत हो गया।

स्वतंत्रता दिवस, Independence Day of India

दिल हमारे एक हे एक ही हमारा जान ,
हिंदुस्तान हमारा हे हम हे इसकी सान,
जान लुटा देंगे वतन पे हो जायेंगे कुर्बान,
इस लिए हम कहते हे भारत मेरा महान।

आजादी की कभी साम न होने देंगे ,
सहीदो की कुर्बान बदनाम डीएनए होने देंगे
,बची हे लहू की एक बून्द भी रंगो में ,
तब तक भारत माता का अंचल नीलम न होने देंगे।

ये नफरत बुरी हे न पालो इसे दिलो में खलिस है निकालो इसे,

न तेरा न मेरा इसका न उसका ये सबका वतन हे बचालो इसे।

खुसी बहती हे , अमन की गंगा बहने दो ,मत फेलाओ दंगा देश मैं शांति रहने दो।
लाल हरे रंग में न बांटो हमको ,और एक तिरंगा मेरे छत पर भी रहने दो।

Desh Bhakti Shayari

विकसित होता राष्ट हमारा रंग लाती हर कुर्बानी है।
फक्र से अपना परिचय देते हम सारे हिन्दुस्तानी है।

लिख रहा हूँ मैं अंजाम जिसका कल उसका आगाज भी आएगा ,

मेरे लहू का हर एक कतरा इन्कलाब का नारा भी लाएगा। 

भले मैं रहूं या न रहूं पर यह वादा हैं तुमसे मेरा ,

की मेरे मरने के बाद वतन पर मरने वालों का सैलाब आएगा। 

mujhe na tan chahiye ,na hi mujhe dhan chahiye.

mujhe to bas aman se bhara, yah watan chahiye.

jab tak jinda hun , jan bhi kurwan hai matrbhumi ke liye.

jab bhi main maron to bas mujhe tiranga kafan chahiye.

मुझे न तन चाहिए , न धन चाहिए। बस अमन से भरा यह वतन चाहिए। 

जब तक जिन्दा हूँ , यह जान भी कुरआन हैं मातृभूमि के लिए। 

चाह नहीं कुछ और जब भी मरों तो बस तिरंगा कफ़न चाहिए। 

हर करम अपना करेंगे ऐ वतन तेरे लिए ,दिल दिया है जान भी देंगे ऐ वतन तेरे लिए। 

जिसकी आजादी के लिए न्योछावर किया था जान , उसे छोड़ जायेंगे अब तेरे लिए। 

har karam apna karenge ae watan tere liye , dil diya hain jan bhi denge ae watan tere liye,

jiski ajadi ke liye nyochawar kiye thee jane ,ushe chod jayenge ab tere liye.

1 Comment

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  1. Bahut hi acha desh bhakti shayari hai.very nice

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