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राज्य – उत्तराखण्ड

अक्षांश -28

देशांतर –

वर्तमान मुख्यमंत्री -तीरथ सिंह रावत

वर्तमान राज्यपाल -बेबी रानी मौर्य

राजधानी -देहरादून

उच्च न्यायालय -नैनीताल

देश का 27वां राज्य -उत्तराखण्ड

उत्तराखण्ड का औपचारिक गठन -9 नवंबर ,2000

मण्डल -2 ( कुमाऊँ ,गढ़वाल )

जनपदों की संख्या -13

विकास खण्ड -95

तहसील -102

जनगणना नगरों की संख्या (2011 ) -41

न्याय पंचायतों की संख्या (2016 ) – 670

ग्राम पंचायतों की संख्या (2016 ) -7950

गाँवों की कुल संख्या ( 2011 ) -16,793

विधान मण्डल -एकसदनात्मक (विधान सभा )

विधान सभा सीटें -70 +1 =71 ( एक आंग्ल भारतीय समुदाय से मनोनीत )

लोक सभा सीटें -5

राज्य सभा सीटें -5

प्रथम राज्यपाल – श्री सुरजीत सिंह बरनाला

प्रथम महिला राज्यपाल – श्रीमती मारग्रेट अल्वा

प्रथम मुख्यमंत्री -श्री नित्यानंद स्वामी

द्वितीय मुख्यमंत्री – श्री भगत सिंह कोश्यारी

प्रथम मुख्य न्यायधीश -न्यायमूर्ति अशोक ए. देसाई

प्रथम निर्वाचित ( कांग्रेस )विधान सभा के अध्यक्ष -श्री यशपाल आर्य

उत्तराखण्ड के प्रथम मुख्य सचिव -श्री अजय विक्रम सिंह

उत्तराखण्ड के प्रथम पुलिस महानिदेशक -श्री अशोक कान्त शरण

उत्तराखण्ड के प्रथम लोक आयुक्त -न्यायमूर्ति सैयद हैदर अब्बास रजा

उत्तराखण्ड लोक सेवा आयोग के प्रथम अध्यक्ष -श्री एन. पी. नवानी

उत्तराखण्ड राज्य महिला आयोग की प्रथम अध्यक्ष -डॉ संतोष चौहान

उत्तराखण्ड के प्रथम मुख्य सूचना आयुक्त -श्री आर. पी. टोलिया

मुख्यमंत्री श्री नित्यानंद द्वारा अपनी मन्त्रिपरिषद का गठन – 10 नवम्बर ,2000

उत्तराखण्ड का खाता खुला -कुल रु० 2192.08 करोड़ से

प्रमुख नगर -देहरादून ,हरिद्वार ,नैनीताल ,अल्मोड़ा ,चमोली आदि

आय के प्रमुख स्रोत – वन सम्पदा ,जल संसाधन ,जड़ी -बूटी ,पर्यटन

क्षेत्रफल (2016 ) – 53, 483 वर्ग किमी

मैदानी क्षेत्रफल -7448 वर्ग किमी

पहाड़ी क्षेत्रफल -46035 वर्ग किमी

जनसंख्या (2011 ) – 1,00,86,292

पुरुष (2011 ) -51,37,773(50.93%)

महिलाएं (2011 )-49,48,519(49.07%)

ग्रामीण जनसंख्या – 70,36,954(69.77%)

शहरी जनसंख्या – 30,49,338(30.23%)

अनुसूचित जाति जनसंख्या -18,92,516(18.8%)

0 -6 वर्ष आयु वर्ग की जनसंख्या – 13,55,814(13.44%)

लिंगानुपात (2011 )-963

जनसंख्या घनत्व (2011 )-189 व्यक्ति प्रति वर्ग किमी

दशकीय प्रतिशत वृद्धि दर (2001 -11 ) -18.81 प्रतिशत

साक्षरता (2011 ) – 78 .82 प्रतिशत

पुरुष (2011 ) -87.40 प्रतिशत

स्त्री (2011 ) -70.00 प्रतिशत

कुल साक्षर व्यक्ति -68,80,973

पुरुष साक्षर -38,63,708

महिला साक्षर -30,17,245

विशेष राज्य का दर्जा – 1 अप्रैल ,2001 (11 वां राज्य )

राज्य पशु -कस्तूरी मृग

राज्य पक्षी -मोनाल

राज्य पुष्प – ब्रह्मकमल

राज्य वृक्ष – बुरांस

नदी प्रदूषण नियंत्रण योजनाएं – शुद्धिकरण संयन्त्र

हरिद्वार

स्थान – लक्क्ड़घाट

प्रकार – ऑक्सीडेशन पाण्ड़

क्षमता (एम.एल.डी.) -6.00

स्थान – कनखल

प्रकार – एक्टिवेटेड स्लज

क्षमता (एम. एल.डी.)-18.00

ऋषिकेश

स्थान – स्वर्ग आश्रम

प्रकार -आर.बी.आर.सी.

क्षमता (एम.एल.डी.) – 0.32

उत्तराखंड की नदियाँ और उसके किनारे स्थित नगर – गंगा नदी -बद्रीनाथ ,हरिद्वार , ऋषिकेश

उत्तराखण्ड के हवाई अड्डे – पंतनगर (उधमसिंह नगर )

जौलीग्रांट (देहरादून )

नैना सैनी (पिथौरागढ़ )

मासिक पत्र -पत्रिकाएँ – छवि ,निर्माण – देहरादून

दैनिक समाचार -पत्र

अमर उजाला -देहरादून

द हिमाचल टाइम्स – देहरादून

जागरण – देहरादून

आकाशवाणी केंद्र – अल्मोड़ा , पौड़ी गढ़वाल

उत्तराखण्ड राजकीय सड़क परिवहन निगम क्षेत्र – देहरादून ,कुमाऊँ (नैनीताल )

मुख्य भाषा – हिन्दी ,उर्दू ,बंगाली ,पंजाबी गढ़वाली ,कुमाउँनी

प्रमुख धर्म – हिन्दू ,मुस्लिम ,ईसाई ,सिख ,बौद्ध ,जैन

प्रमुख लोक गीत – बिरहा ,ढोला चैती ,कजरी ,रसिया ,आल्हा ,भरथरी ,पुरनभगत ,लोरकी ,फगुवा

प्रमुख फसलें – गेहूँ , चावल , चना ,जौ ,मक्का ,बाजरा ,मटर

नकदी फसलें – गन्ना ,चाय ,कपास ,तिल सरसों तम्बाकू ,मूँगफली

प्रमुख फल – आम ,अमरुद ,माल्टा ,नीबू ,जामुन ,संतरा ,सेब ,लीची ,शफ्तालू

राज्यपाल – उत्तराखण्ड के प्रथम राज्यपाल बनने का श्रेय सुरजीत सिंह बरनाला को गया है ,श्री बरनाला मोरारजी देसाई की सरकार में कृषि मंत्री थे, यह पंजाब के मुख्यमंत्री भी रहे हैं ,वर्ष 1998 में अटल बिहारी सरकार में उन्हें कृषि मंत्री बनने का अवसर मिला ,श्री बरनाला तमिलनाडु के राज्यपाल भी रहे हैं ,

मुख्यमंत्री – उत्तराखण्ड का प्रथम मुख्यमंत्री बनने का श्रेय उत्तर प्रदेश की विधान परिषद के सभापति रहे नित्यानंद स्वामी को गया है गढ़वाल -कुमाऊँ स्नातक क्षेत्र से लगातार तीन बार विधान परिषद के लिए ,निर्वाचित हुए नित्यानंद स्वामी 1969 में भारतीय जनसंघ के टिकट पर देहरादून नगर से विधायक भी चुने गए थे ,1991 में विधान परिषद के उपसभापति के लिए इन्हें निर्विरोध चुना गया था ,1992 में वह कार्यकारी सभापति पद पर आसीन हुए ,1997 में वह विधान परिषद के सभापति के लिए निर्विरोध निर्वाचित हुए.

मुख्य सचिव – उत्तराखंड के पहले मुख्य सचिव अजय विक्रम सिंह 1967 बैच के आई. ए. एस. अधिकारी हैं वह राजस्थान के अजमेर जिले निवासी हैं.

पुलिस महानिदेशक – उत्तराखंड के पहले पुलिस महानिदेशक अशोक कान्त शरण बिहार की राजधानी पटना के निवासी हैं ,यह 1965 बैच के यू. पी. कैडर के आई.पी.एस.अधिकारी हैं.

                                                                      उत्तराखण्ड की पर्वत श्रेणियाँ 

पर्वत शिखर समुद्र सतह से ऊँचाई (मी )जनपद
1 . नन्दा देवी चमोली
2.कामेत 7,756चमोली
3.नन्दादेवी पूर्वी 7,434चमोली
4.माणा 7,273चमोली
5. चौखम्बा 7,138चमोली
6.त्रिशूल 7,120चमोली
7. द्रोणागिरी 7,066चमोली
8. पंचचूली 6,904पिथौरागढ़ – चमोली
9. नन्दकोट 6,861चमोली – पिथौरागढ़
10. बंदरपूँछ 6,315उत्तरकाशी

उत्तराखण्ड के ग्लेशियर (हिमनद )

ग्लेशियर जनपदग्लेशियरजनपद
1.गंगोत्री उत्तरकाशी 11.मैकतोली बागेश्वर
2.मिलम पिथौरागढ़ 12. यमुनोत्री उत्तरकाशी
3.पोटिंग पिथौरागढ़13. डोरियानी उत्तरकाशी
4.नामिक पिथौरागढ़14. बंदरपूंछ उत्तरकाशी
5. पिण्डारी बागेश्वर 15. खतलिंग टिहरी
6. सुन्दरढूगा बागेश्वर16. चोरगढ़ी रूद्रप्रयाग
7. कफनी बागेश्वर17. केदारनाथ रूद्रप्रयाग
8.पिनौरा पिथौरागढ़18. बद्रीनाथ चमोली
9. काली पिथौरागढ़19. दूनागिरि चमोली
10. रालम पिथौरागढ़20. तिपराबमक चमोली

दर्रा सम्पर्क क्षेत्र
1. क्षृंगकंठ उत्तरकाशी -हिमाचल प्रदेश
2. थागा ला उत्तरकाशी – तिब्बत
3. मुलिंग ला (5669मी )उत्तरकाशी – तिब्बत
4. माणा (चिरबटिया अथवा डूंगरी ला 5608 मी )चमोली – तिब्बत
5. नीति (5044 मी )चमोली – तिब्बत
6. बाराहोती चमोली – पिथौरागढ़
7. कुंगरी -बिंगरी चमोली – तिब्बत
8. दारमा पिथौरागढ़ – तिब्बत
9. लिपुलेख पिथौरागढ़ – तिब्बत
10. ट्रेलपास बागेश्वर – पिथौरागढ़

उत्तराखण्ड में पाषाणयुगीन उपकरणों की खोज गढ़वाल ,हिमालय में कालसी (देहरादून )तथा अलकनन्दा के समीप (श्रीनगर ) और विन्ध्याचल के पास बेलन तथा सोन नदियों घटियों में हुई है ,

उत्तराखंड में पहाड़ी जिले हैं – उत्तरकाशी , अल्मोड़ा, चमोली ,पिथौरागढ़ ,नैनीताल ,टिहरी गढ़वाल व पौड़ी गढ़वाल

उत्तराखण्ड का सर्वाधिक उच्च पर्वत शिखर नन्दादेवी (चमोली में ) है.

उत्तराखण्ड के गढ़वाल जिले के उत्तर -पूर्वी क्षेत्र में स्थित प्रमुख दर्रे – दारमा ,कुंगरी -बिंगरी एवं नीति आदि हैं.

गंगा नदी मैदानी क्षेत्र में हरिद्वार से प्रवेश करती है.

नैनीताल झील उत्तराखण्ड के नैनीताल जिले में स्थित है.

उत्तराखण्ड में कुम्भ मेला हरिद्वार में लगता है.

नैनीताल नगर तथा झील का नाम नैनीताल सम्भवतः यहाँ स्थित नैना देवी के मन्दिर के नाम पर पड़ा है.

कुमाऊँ क्षेत्र की सर्वाधिक गहरी झील नोकछिया ताल झील है.

खनिज सम्पदा
ताँबा -प्रदेश का कुमाऊँ क्षेत्र ,चमोली (पोखरी एवं धनपुर ) .नैनीताल ,अल्मोड़ा ,पौड़ी गढ़वाल ,टिहरी गढ़वाल ,पिथौरागढ़
जिप्सम – गढ़वाल (खरारी घाटी ,खेरा ,लक्ष्मनझूला ,नरेंद्रनगिन ,मूधधानी क्षेत्र ) ,देहरादून ( धपीला क्षेत्र ). नैनीताल खुरपाताल , मझरिया

फ़ॉस्फ़ोराइट – देहरादून ,टिहरी गढ़वाल ,(रझगेंवा क्षेत्र )

वैराइटूस एवं एडालूसाइट – देहरादून

लौह अयस्क – गढ़वाल ,अल्मोड़ा ,नैनीताल ( हेमेटाइट एवं मैग्नेटाइट प्रकार के लौह अयस्क )

एस्बेस्टस – गढ़वाल ,अल्मोड़ा

सीसा – कुमाऊँ क्षेत्र ( राय ,धरनपुर ,रेलम ,बेसकन ,ढ़सोली ,दण्डक ),देहरादून जिले में (कुमाबरेला ,मुद्दौला ),अल्मोड़ा जिले में (चैना पानी और बिलौन , )टिहरी गढ़वाल

चाँदी – अल्मोड़ा (अल्प मात्रा )

सेलखड़ी – अल्मोड़ा

मैग्नेसाइट एवं सोप स्टोन – चमोली जिले के अलकनन्दा घाटी में ,अल्मोड़ा ,पिथौरागढ़

डोलोमाइट – देहरादून ,नैनीताल ,टिहरी ,पिथौरागढ़

चूना पत्थर – देहरादून ,मसूरी ,टिहरी गढ़वाल ,(दुरमाला ,किमोई ,मसराना ,माल देवता ,चमसारी ),नैनीताल

संगमरमर – देहरादून ,टिहरी गढ़वाल

टैल्क – अल्मोड़ा , पिथौरागढ़

सोना – शारदा ,रामगंगा , अलकनंदा व पिण्डर नदियों के रेत में

टीन – चमोली

अत्यधिक आर्द्र एवं शीत प्रदेश के अंतर्गत उत्तराखण्ड के अल्मोड़ा ,नैनीताल ,पिथौरागढ़ ,चमोली ,उत्तरकाशी ,टिहरी गढ़वाल ,पौड़ी गढ़वाल और देहरादून क्षेत्र सम्मिलित हैं ,

वन अनुसन्धानशाला देहरादून में स्थापित है ,

देश में वन संबंधी शिक्षा प्रारम्भ 1878 में ‘फॉरेस्ट स्कूल ऑफ देहरादून ‘ (देश का प्रथम वन महाविधालय )के नाम से हुआ.

फॉरेस्ट स्कूल ऑफ देहरादून ‘ में सिर्फ ‘रेंजर ‘की शिक्षा दी जाती है.

फॉरेस्ट स्कूल ऑफ देहरादून का नाम 1884 में ‘इम्पीरियल फॉरेस्ट कॉलेज ‘ देहरादून पड़ा.

वर्तमान में देहरादून स्थित संस्थान को ‘इण्डियन फॉरेस्ट कॉलेज के (एफ.आर.आई.)नाम से जाना जाता है.

फॉरेस्ट रिसर्च इंस्टीट्यूट ‘की स्थापना सन 1914 में देहरादून में की गई थी.

देहरादून में दूसरी बन अनुसंधानशाला कुलागढ़ में सन 1929 में की गई थी.

प्रमुख फसलें
गेहूँ देहरादून ,ऊधमसिंह नगर ,हरिद्वार ,नैनीताल
चावल देहरादून,नैनीताल,हरिद्वार ,अल्मोड़ा पिथौरागढ़,
नीबू नैनीताल,अल्मोड़ा
चाय नैनीताल,अल्मोड़ा,देहरादून,पिथौरागढ़,,चमोली
लीची देहरादून,नैनीताल,नैनीताल
संतरा देहरादून,नैनीताल,अल्मोड़ा
सेब नैनीताल,अल्मोड़ा,उत्तरकाशी ,चमोली

                                               राष्ट्रीय उद्यान 

कार्बेट नेशनल पार्क ,रामनगर ,नैनीताल ,स्थापना – 1935 ,क्षेत्रफल वर्ग किमी – 521 

नन्दा देवी राष्ट्रीय उदयान ,चमोली ,स्थापना – 1982 ,क्षेत्रफल वर्ग किमी -630 

फूलों की घाटी राष्ट्रीय उदयान,  चमोली ,स्थापना -1982 ,क्षेत्रफल वर्ग किमी – 87 

राजाजी राष्ट्रीय उदयान,देहरादून ,स्थापना – 1983 ,क्षेत्रफल वर्ग किमी – 820 

गंगोत्री राष्ट्रीय उदयान,उत्तरकाशी ,स्थापना – 1992 ,क्षेत्रफल वर्ग किमी – 2,390

गोविन्द राष्ट्रीय उदयान,उत्तरकाशी ,स्थापना – 1992 ,क्षेत्रफल वर्ग किमी – 472

पर्यटन केंद्र
धार्मिक केंद्र केदारनाथ ,बद्रीनाथ ,गंगोत्री ,यमुनोत्री ,हरिद्वार ,ऋषिकेश
पहाड़ी केंद्र नैनीताल ,रानीखेत ,मसूरी ,अल्मोड़ा ,लैंसडाउन ,पौड़ी ,पिथौरागढ़
नवीन केंद्र भीमताल ,कौसानी ,डाक पत्थर (नैनीताल )

गंगोत्री (जिला -उत्तरकाशी )में ‘भागीरथी मन्दिर ’18 वीं शताब्दी के आरम्भ में गोरक्षा सेनापति अमर सिंह मान द्वारा निर्मित किया गया था | 

Updated: May 6, 2021 — 8:01 am

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