Getting Ahead In Life Is Important Wisdom Quotes

Getting Ahead In Life Is Important, क्या समझे ?

नकल करके आज तक कोई महान नहीं बना |

जॉन्सन

सत्ता भला त्याग को क्या दे सकती है ?

बावजूद अपनी लोकप्रियता के कोहिनूर हीरे पर भी यह संदेह था ,कि यह इ मनहूस हीरा है ,क्योंकि यह जिसके पास रहा उसका पतन हो गया |

स्वर्ण मंजूषा

जो पत्थर लुढ़कते -फिसलते अथवा दूसरे संदर्भ में गतिशील बने रहते हैं ,उन पर कभी काई नहीं जमती |

स्वयं को सही साबित करने का अर्थ ,दूसरों को गलत साबित करना है |

निर्दोष बनना हो तो सामने वाले से माफी माँगिए और भूल बढ़ानी हो तो सामने वाले से माफी मँगवाइये

दादा भगवान

विचारकों के लिए दुनिया सुखांत है ,और हृदय वालों के लिए दुखान्त

होरेसवाल पोल

जिन्हें हम कमतर और छोटा समझते हैं ,वह भी धीरे -धीरे हमें कमतर और छोटा बना देते हैं |

टैगोर

यदि तुम चाहते हो कि लोग तुम्हारी प्रशंसा करें ,तो अपने मुँह से अपनी प्रशंसा मत करो |

पेसकल

ईमानदार होने काअर्थ है,दस हजार में से एक होना |

शेक्सपियर

अहंकार से सुरों को असुर बना दिया ,इसी प्रकार नम्रता मनुष्यों को देवता बना सकती है |

अगस्तीन

अगर आपको अपने में घमंड पैदा करने वाली कोई बात दिखाई दे ,तो जरा और नीचे उत्तर कर देखिए ,वहाँ आपको अपना सिर नीचा कर देने वाली बहुत सी बातें नजर आएँगी |

सुकरात

अगर तुम चाहते हो कि दिन की तरह रोशन हो जाओ तो अपनी हस्ती को अपने दोस्त के सामने जला डालो |

मौलाना रुमी

हँस पानी मिले दूध में से दूध पी लेता है और पानी छोड़ देता है |

कालिदास

तड़के उठो ,जब सफर खत्म हो जाएगा तो सोने क बहुत वक्त मिल जाएगा |

अल्फर्ड हाऊस मेन

ऐसी कोई घृणा नहीं ,जिसे उचित ठहराया जा सके |

विवेकानंद

जो कार्य प्रकृति के करने का है ,उसे मनुष्य नहीं कर सकता |

रवीन्द्रनाथ टैगोर

न रगड़ बिना रत्न पर पालिश होती है और न ही कठिनाइयों के बिना सफलता मिलती है |

यह दुनिया का जीना तो खेल और तमाशा है |

कुरआन मजीद

हर अच्छा काम पहले नामुमकिन होता है |

एक दो कामों का और करना जैसे दौलत का एक नया हिस्सा अपनी आमदनी में बढ़ाना है |

सर आर्थर डिकमेन

कम आहार और कम सम्भाषण कभी क्षति नहीं पहुँचाते |

उपदेश देना सरल है ,उपाय बताना कठिन है |

रवीन्द्रनाथ टैगोर

गलती कर देना मामूली बात है ,पर उसे स्वीकार कर लेना बड़ी बात है |

मुनिगणेश वर्णी

अभिवादन से प्रेम और सदभावना का निर्माण होता है |

हजरत मुहम्मद

तुम वह क्यों कहते हो जो नहीं करते ?

कुरआन शरीफ

दर्शन -शास्त्र के दस ग्रंथ लिखना सरल है ,एक सिद्धांत को व्यवहार में लाना कठिन है |

टाल्सटॉय फुलर

काम का आरम्भ करो अगर काम शुरु कर दिया है ,तो उसे पूरा करके छोड़ो |

विनोवा भावे

अपने को प्रसन्न करने के लिए भोजन करो ,दूसरों को प्रसन्न करने के लिए कपड़ा पहनो |

फ्रैंकलिन

हम अपने भाग्य का निर्माण करते हैं और उसे होनी कहते हैं |

डिजरायली

जैसा तुम्हारा लक्ष्य होगा ,वैसा ही तुम्हारा जीवन भी होगा |

श्री माँ

जब तक तुम्हें अपना सम्मान और दूसरे का अपमान सुख देता है ,तब तक तुम अपमानित ही होते रहोगे |

हनुमान प्रसाद पोददार

जो दूसरों के दोष तेरे सामने लाता है ,वह निश्चय ही तेरे दोष भी दूसरों के सामने ले जाएगा |

शेखसादी

वर्तमान ही सब कुछ है | भविष्य की चिंता हमें कायर बना देती है और भूत का भार हमारी कमर तोड़ देती है |

प्रेमचंद

जो भविष्य का भय नहीं करता है वही वर्तमान का आनंद उठा सकता है |

टॉमस फुलर

भविष्य को वर्तमान खरीदता है |

जॉनसन

उत्साही ,आलस्यहिन,बहादुर और पक्की मित्रता मिभाने वाले मनुष्य के पास लक्ष्मी निवास करने के लिए स्वयं चली आती हैं |

नारायण पंडित

यदि बात तुम्हारे हृदय से नहीं उतपन्न हुई है तो तुम दूसरों के हृदय को कदापि प्रसन्न नहीं कर सकते |

गेटे

जब तक तुम्हारे पास कुछ कथनीय न हो ,तब तक किसी भी प्रकार से किसी से भी कुछ न कहो

कार्लाइल

विवेकी पुरुष को अपने मन में यह विचार करना चाहिए कि मैं कहाँ हूँ ,कहाँ जाऊँगा ,मैं कौन हूँ ,यहां किसलिए आया हूँ और किसलिए किसका शोक करुँ |

वेदव्यास

परिस्थितियां ही मनुष्य में साहस का संचार करती है |

हरिकृष्ण प्रेमी

जुल्म सहकर मैं रह गया खामोश ,तुम यह समझे कि जुल्म जीत गया | मुझको देखो मैं अब भी जिन्दा हूँ ,जुल्म का दौर कब का बीत गया ||

रामलाल

दौलत खाद की तरह है जब तक इसे फैलाया न जाए फायदा हासिल नहीं होता |

फ्रांसिस बेकन

चाहे आप बर्फ की तरह साफ और शफ्फाक हों ,तोहमत से नहीं बच सकते |

शेक्सपियर

अपना फर्ज अदा करते रहना चाहिए ,और खामोश रहने तोहमत का सबसे अच्छा जवाब है

एतमाद का पौधा बहुत धीरे -धीरे बढ़ता है |

जान्सन

जिसमें लगन है ,वह साधन भी जुटा लेता है ,अगर नहीं जुटा पाता तो वह उन्हें स्वयं बना लेता है |

चैनिंग

दूसरों के दोष पर ध्यान देते समय हम स्वयं बहुत भोले बन जाते हैं | परन्तु जब हम अपने दोषों पर ध्यान देगें ,तो अपने को कुटिल और कामी पाएँगे |

महात्मा गाँधी

जो सदाशयता के प्रति श्रद्धावान है ,वही ब्राह्मण है |

महात्मा बुद्ध

नरमी दूसरों को मारती है और गरमी अपने आपको |

बहुत से आदमी उन लोगों से नाराज़ हो जाते हैं जो उनके दोष बताते हैं जबकि उन्हें नाराज़ होना चाहिये उन दोषों से जो कि उन्हें बताये जाते हैं |

प्राचीन महापुरुषों के जीवन से अपरिचित रहना ,जीवन भर निरन्तर बाल्यावस्था में रहना है |

प्लूटार्क

ईर्ष्यालु अपने ही भोजन में विष घोल कर खाता है | ईर्ष्या संदेहों पर पलती है | संदेह जब पुष्ट हो जाते हैं तो यह पागलपन में परिवर्तित हो जाते हैं |

किसी पाप का स्पष्टीकरण दिया जाय ,तो वह स्पष्टीकरण उस पाप से भी अधिक बुरा हो जाता है |

शेक्सपियर

पद से तुम्हारा मान नहीं ,किन्तु तुमसे पद की शोभा होनी चाहिए | यह तभी होगा जब तुम्हारे कार्य महान होंगे |

आत्मा -प्रशंसा चापलूसों में सबसे बड़ा चापलूस है |

एल.रोशोका

परमात्मा से आत्मा का जो सम्बन्ध है ,उसके सामने मानकृत संबंध की कोई हस्ती नहीं हो सकती |

प्रेमचंद

चतुराई ,दरबारियों के लिए गुण है -साधुओं के लिए दोष |

शेख सादी

यदि अमीरों में न्याय होता और गरीबों में संतोष होता ,तो दुनिया से भीख माँगने की प्रथा उठ गई होती |

शेख सादी

इन्सान की शख्सियत से उस वक्त पर्दा उठता है ,जब वह बोलना शुरू करता है | जबान ही उसकी अच्छी या बुरी शख्सियत का भेद खोलती है |

इन्सान एक ऐसी किताब की तरह है जिसे पढ़ने में उसकी जबान बहुत मदद करती है |

बहुत सारी ऐसी बातें होती हैं जिन्हें दिल से ज़बान तक नहीं लाना चाहिए | अगर ये बातें ज़बान तक आ जाएं तो कानों तक इनकी रसाई कुछ मुश्किल नहीं |

अगर इन्सान की ज़बान न होती तो दुनिया के झगड़े ही न होते | तू -तू मैं -मैं न होती |

मर्द में चार बातों से कमाल पैदा होता है -कम खाना ,कम बोलना ,लोगों से कम राहो -रस्म रखना और कम सोना |

अल्लाह नर्म दिल और हँसमुख आदमी से मुहब्बत करता है |

अगर किसी ने तुम्हें तकलीफ पहुँचाने के लिए रस्ते में काँटे बिछा दिए हैं तो तुम पर लाजिम है कि उनको हटा दो | अगर तुमने भी जवाबन उसके रास्ते में काँटे बिछा किए हो सारी दुनिया काँटों से भर जाएंगी |

यह जरूरी नहीं कि जो खुबसूरत हो वह नेक सीरत भी हो | काम की चीज अन्दर होती है बाहर नहीं |

यह जाहिलों का तरीका है कि जब कोई दलील सामने वाले के आगे न चल सके तो लड़ना शुरु कर देते हैं |

मैं खुदा से डरता हूँ और खुदा के बाद उस शख्स से डरता हूँ जो खुदा से नहीं डरता |

प्रथम अभिवादन करने वाला व्यक्ति अधिक सम्मानीय होता है |

हजरत मुहम्मद

एकाग्रता एक कला है जिसके आते ही सफलता निश्चित हो जाती है, कर्म ,भक्ति ,ज्ञान ,योग और सम्पूर्ण साधनों की सिद्धि का मूल मंत्र एकाग्रता है |

दीनानाथ दिनेश (गीताज्ञान )

हर रोज आईने में अपना चेहरा देखा करो | अगर सूरत बुरी है तो बुरा काम न करो ताकि बुराइयां जमा न हो | अगर सूरत अच्छी है तो उसे बुरे काम से बचाओ |

बचत अपने आप में खुद आमदीद का एक बड़ा जरिया है |

सेनिका

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