Category: Desh Bhakti Shayari

Desh Bhakti Shayari

Desh Bhakti Shayari

Desh Bhakti Shayari भरा नहीं जो भावो से, बहती जिस मैं रस धार नहीं , वह ह्रदय नहीं पत्थर हैं , जिस मैं स्वदेश का प्यार नहीं। अनेकता में एकता इस देश  की सान  हैं।  इसीलिए देश मेरा भारत महान  हैं। गजरे की खुसबू की तरह महकते आया हूँ , मेरी नन्ही सी चिड़िया को […]