Best Precious Words Of Life

Best Precious Words Of Life निर्धन और धन

जितने धन से पेट भर जाए उतना ही शरीर धारियों का अपना है |

धन और वैभव हृदय की प्यास नहीं बुझा सकते , उसके लिए आवश्यकता है निर्धन प्रेम की |

पैसा आपका दास है अगर आप उसका उपयोग जानते हैं , वह आपका स्वामी है अगर आप उसका उपयोग नहीं जानते |

धन उसका नहीं है , जिसके पास है बल्कि उसका है जो उसका उपयोग करता है |

धन में धर्म है , दया है , उदारता है , लेकिन इसके साथ ही अहम भी है , जो इन गुणों को मटियामेट कर देता है |

धन केवल भोग की वस्तु नहीं , उससे यश और कीर्ति भी मिलती है |

यह संपत्ति क्या है ?केवल कुछ चीजें जिन्हें तुम भय से कि इनकी कल तुम्हें जरूरत पड़ सकती है , संचित करते हो और जिनकी रखवाली करते हो |

धनों में श्रद्धारूपी धन ही श्रेष्टतम है |

युद्ध ,अहंकार की संतान है , अहंकार धन -सम्पति की पुत्री है |

बिना उदारता के धनिक धूर्त है ,और कदाचित यह प्रमाणित करना कठिन न होगा कि वह मुर्ख भी है |

यह भी हो सकता है कि गरीबी पुण्य का फल हो और अमीरी पाप का |

प्राप्त हुए धन का उपयोग करने में दो भूलें हुआ करती हैं ,जिन्हें ध्यान में रखना चाहिए | अपात्र को धन देना और सुपात्र को धन न देना |

दुष्टों की संगति के दोष से सज्जन भी बिगड़ जाते हैं |

जो अधिक धनी है वह अधिक अधीन है |

सबसे बड़ा धनवान वह है जो निर्धनों का दुःख हरता है और सबसे अच्छा फकीर वह है जो अपने निर्वाह के लिए धनवानों का मुख नहीं देखता |

शास्त्र को जानने वाला भी जो पुरुष लोक व्यवहार में पटु नहीं होता , वह मुर्ख के समान है |

अतिशय सम्पन्नता को पाकर गरतरहित सज्जन किसी को थोड़ा भी नहीं भूलता |

धनी मुर्ख उस सूअर के समान है जो अपनी ही चर्बी से घुटकर मरता है |

पैसे से बिस्तर खरीदा जो सकता है ,मगर नींद नहीं |

पैसे से किताब खरीदी जा सकती है , मगर शिक्षा नहीं |

पैसे से इन्सान खरीदी जा सकता है ,मगर हुनर नहीं |

पैसे से दवा खरीदी जा सकता है ,मगर शफ़ा नहीं |

पैसे से सर खरीदी जा सकता है ,मगर जहन नहीं |

पैसे से आँख खरीदी जा सकती है ,मगर रोशनी नहीं |

पैसे से रोटी खरीदी जा सकती है ,मगर भूख नहीं |

पैसे से जिस्म खरीदी जा सकती है ,मगर प्यार नहीं |

पैसे से दुनिया की हर शय खरीदी जा सकती है ,मगर मौत नहीं |

पैसे से आदमी का हर अंग खरीदी जा सकता है ,मगर जान नहीं |

पैसे से हर हक़ अदा हो सकता है ,मगर माँ -बाप नहीं |

पैसे से परेशानी दूर हो सकती है ,मगर चिंता नहीं |

दौलत से जेवरात खरीदे जा सकते हैं ,मगर हुस्न नहीं |

दौलत से नौकरी खरीदे जा सकते हैं , मगर हमदर्दी नहीं |

जीत खरगोश से पैरों में , मर्द के दिमाग और औरत की ज़बान में होती है |

तुम्हारे घर कितने ही आलीशान हो लेकिन अगर तुम्हारा दिल छोटा और कंजूस है , तुम गरीब कहलाओगे |

दिल अगर सोने चाँदी के होते ,तो हर सोचो कि मैं सैकड़ों दिल होते |

आइना इस तरह मत देखो कि तुम यह सोचो कि मैं कितना हसीन हूँ ,बल्कि यह देखो कि मेरा दिल कितना हसीन है |

ज़मीर को जिन्दा रखो चाहे कई मौत की राह से गुजरना पड़े |

तू मुझसे बड़ा मैं तुझसे बड़ा हूँ ,यही बात आपस में दूरियों की वजह बनती है |

दौलत खर्च करते रहो रोको मत ,वरना हो सकता है कि भगवान भी दौलत के दरवाजे तुम पर बंद कर दे |

शोहरत एक दौलत है ,और दौलत कामयाबी की दलील |

जब इन्सान को शोहरत मिल जाए तो दौलत खुद ब खुद उसका पीछा करती है |

दौलत बेहतरीन खादिम है , मगर बदतरीन दुश्मन भी दौलत ही है |

दुनिया में वही शख्त किसी मुकाम तक पहुँचता है , जो अपना बोझ खुद उठा ले |

दुनिया जिसके लिए कैद है , कब्र उसके लिए आराम गाह है |

दुनिया में रहना मुश्किल नहीं , बल्कि दुनिया की मुश्किलों से टकराना ही मुश्किल है |

न्यूनतम से संतुष्ट होने वाला ही सबसे बड़ा धनवान है |

कंजूस लोग न तो अपने धन को कहते हैं , न किसी अच्छे कार्य में खर्च करते हैं और न किसी को दान देते हैं |

जो कायर है ,जिसमें पराक्रम का नाम नहीं , वही दैव का भरोसा करता है |

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