Best Oath Quotes| Goodreads 100+ Hippocratic Oath Quotes

Best Oath Quotes Goodreads 100+ Hippocratic Oath Quotes संकल्प बेस्ट लाइन

सब कुछ अपने संकल्प द्वारा ही बड़ा या छोटा बन जाता है |

योग वाशिष्ठ

हठी के लिए कुछ भी असाध्य नहीं है |

अश्वघोष

मेरे मन के संकल्प पूर्ण हों , मेरी वाणी सत्य व्यवहार वाली हो |

यजुर्वेद

विद्यार्थी का जीवन -लक्ष्य न केवल परीक्षा में उत्तीर्ण होना व स्वर्ण पदक प्राप्त करना है , अपितु देश सेवा की क्षमता एवं योग्यता भी है |

नेताजी सुभाषचन्द्र बोस

अपने विवेक को शिक्षक बनाओ, शब्दों का कर्म से और कर्म का शब्दों से मेल कराओ |

शेक्सपियर

लगन के बिना किसी में महान प्रतिभा उत्पन्न नहीं हो सकती |

अरस्तु

उत्साह अत्यन्त बलवान है | उत्साह जैसा अन्य कोई बल नहीं है | उत्साही पुरुष के लिए इस संसार में कुछ भी दुर्लभ नहीं है |

वाल्मीकि

संसार में ऐसा कोई परिच्छेद नहीं, जिसे शब्दों का हेरफेर कर बेहतर न बनाया जा सके |

निकलसन मोनसरात

दूसरों की अच्छाई अपनाने की कोशिश करो और अपनी बुराई से निजात हासिल करो |

शायद तीर हवा से गुजरता हुआ अपना निशान न छोड़ता हो , मगर एक बुरा ख्याल अपना निशान इस तरह से छोड़ता है कि जैसे साँप अपनी लकीर |

जो इन्सान बुरे कामों से डरता है वह सबसे बड़ा बहादुर है |

जो शख्स अल्लाह से नहीं डरता वह सबसे डरता है और जो सिर्फ अल्लाह से डरता है वह किसी से नहीं डरता |

अपने जीवन में आने वाली बाधाओं पर टूट पड़ो |

हमें आलस्य एवं अकर्मण्यता का त्याग करना होगा |

दृढ़ संकल्प के साथ सदैव कार्यरत रहिए यह सफलता का मूल मंत्र हैं |

अवसर को कोई भी व्यक्ति मुट्ठी में पकड़ कर नहीं रख सकता |

सच्ची लगन ,कठोर परिश्रम कुछ भी संभव हो सकता है |

दूसरों के भाग्य पर जीवन निर्वाह करने वाले सदा दुःखी रहते हैं |

तुम्हारा व्यवहार ही मित्र या शत्रु बनाता है |

क्रोध पागलपन से शुरू होता है और पश्चाताप पर समाप्त |

आप किसी समस्या के बारे में कितनी भी चिंता करें परंतु ,क्या आपका चिन्तित मन उस समस्या का समाधान कर सकता है ?

‘परोपदेशे पाण्डित्य’ से ही नैतिक द्ररिद्रता होती है |

यदि सम्मान घटाकर आय बढ़ती है ,तो उस आय से निर्धनता श्रेयस्कर है |

द्ररिद्रता अत्यन्त प्राणनाशक और प्रचलित रोग है |

जो कायर है , जिसमें पराक्रम का नाम नहीं है , वही दैव का भरोसा करता है |

तीन बातें अगर न होती हो घमन्डी का सर कभी न झुकता मर्ज ,मौत और गरीबी |

कमजोर है वह शख्य जो अपनी कमजोरियों से भी कमजोर है |

द्ररिद्रता और लगातार दुखों से मनुष्य अविश्वासी हो जाता है |

Updated: March 12, 2021 — 7:23 am

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *